बैटरी रिसाइक्लिंग और क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग कंपनी Lohum Cleantech ने एक बड़ा दांव खेला है। कंपनी ने Nobel पुरस्कार विजेता Konstantin Novoselov को अपने नए इंक्यूबेशन प्लेटफॉर्म का नेतृत्व करने के लिए नियुक्त किया है, जिसका लक्ष्य लैब की रिसर्च को बड़े पैमाने पर इंडस्ट्री में लाना है।
लैब से फैक्ट्री तक का सफर
भारत में कई वैज्ञानिक खोजें इसलिए बाजार तक नहीं पहुंच पातीं क्योंकि उन्हें लैब से फैक्ट्री के फ्लोर तक लाने की प्रक्रिया बेहद जटिल और महंगी होती है। इसे अक्सर 'Valley of Death' कहा जाता है। Lohum ने अब इसी समस्या को सुलझाने के लिए 2010 के भौतिकी के Nobel विजेता Konstantin Novoselov को अपने साथ जोड़ा है। Novoselov को ग्राफीन (Graphene) पर उनके काम के लिए जाना जाता है। इस नए प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनी उन तकनीकों को सपोर्ट करेगी जो शुरुआती रिसर्च फेज में हैं और उन्हें कमर्शियल लेवल तक ले जाएगी।
किन क्षेत्रों पर रहेगा फोकस?
यह नया इनक्यूबेटर खास तौर पर डीप-टेक (Deep-tech) एरिया पर ध्यान केंद्रित करेगा, जैसे:
- Nanomaterials
- 2D Structures
- Advanced Magnetic Materials
ये कंपोनेंट्स बैटरी की परफॉरमेंस सुधारने और क्लीन-एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर की दक्षता बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी हैं। Lohum का इरादा इन तकनीकों को साबित करने के लिए पूंजी (Capital) और मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं दोनों मुहैया कराना है।
निवेशकों के लिए क्यों है अहम?
हालांकि Lohum अभी एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन यह घटना EV सप्लाई चेन और बैटरी सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए एक बड़ा संकेत है। भारत अब क्रिटिकल मिनरल्स के आयात पर निर्भरता घटाने के लिए खुद के R&D पर जोर दे रहा है। हालांकि, निवेशकों को यह याद रखना चाहिए कि डीप-टेक प्रोजेक्ट्स में रिस्क ज्यादा होता है। इसमें निवेश की जरूरत बहुत ज्यादा होती है और मुनाफा आने में लंबा समय लग सकता है, साथ ही लैब से बड़े स्केल पर प्रोडक्शन में तकनीकी विफलताओं का जोखिम भी बना रहता है।
भविष्य की निगरानी (Key Monitorables)
बाजार की नजर इस बात पर होगी कि Lohum कितनी तेजी से इन प्रायोगिक सामग्रियों (Experimental Materials) को ऐसे प्रोडक्ट्स में बदल पाता है जिन्हें मैन्युफैक्चरर्स वास्तव में खरीदना चाहें। बैटरी मटेरियल की लागत को कम करना और इनका सफल कमर्शियल उपयोग ही इस प्रोजेक्ट की असली कामयाबी होगी।
