कंपनी के मुनाफे में शानदार उछाल, रेवेन्यू का रिकॉर्ड
Lloyds Metals and Energy Limited ने वितीय वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY2026) और नौ महीनों के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और आक्रामक विस्तार योजनाओं के दम पर यह ग्रोथ हासिल की है।
वित्तीय प्रदर्शन पर एक नज़र (Q3 FY2026):
कंसोलिडेटेड प्रदर्शन:
- रेवेन्यू पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 190% बढ़कर ₹4,909.38 करोड़ पर पहुँच गया।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में 180% की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹1,089.56 करोड़ रहा।
- डायल्यूटेड ईपीएस (Diluted EPS) ₹19.87 दर्ज किया गया।
स्टैंडअलोन प्रदर्शन:
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू 124% बढ़कर ₹3,800.79 करोड़ रहा।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 128% की बढ़त के साथ ₹888.55 करोड़ दर्ज किया गया।
- डायल्यूटेड ईपीएस (Diluted EPS) ₹16.84 था।
नौ महीनों का प्रदर्शन (Nine Months Ended December 31, 2025):
- कंसोलिडेटेड: रेवेन्यू 98.5% बढ़कर ₹10,827.06 करोड़ और PAT 178.7% बढ़कर ₹1,085.64 करोड़ हुआ।
- स्टैंडअलोन: रेवेन्यू 58.5% बढ़कर ₹8,629.80 करोड़ और PAT 51.9% बढ़कर ₹1,896.99 करोड़ रहा।
बड़े विस्तार की योजनाएं और अधिग्रहण
कंपनी के बोर्ड ने कई महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों को हरी झंडी दी है, जिससे भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की राह और मजबूत होगी:
- इक्विटी जुटाना: वॉरंट कन्वर्जन (Warrant Conversion) से ₹38.74 करोड़ जुटाए गए।
- नई सब्सिडियरी: महाराष्ट्र में ₹252 करोड़ से ज्यादा के निवेश से स्किलिंग और उद्यमिता के लिए एक नई पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (Wholly-Owned Subsidiary) शुरू की जाएगी।
- सेकंड स्लरी पाइपलाइन प्रोजेक्ट: आयरन ओर की लागत-कुशल डिलीवरी के लिए ₹8,000 करोड़ का एक विशाल प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, जिसे ढाई साल में फेजवाइज लागू किया जाएगा।
- पेलेट प्लांट का विस्तार: कोनसारी (Konsari) स्थित पेलेट प्लांट-1 और पेलेट प्लांट-2 की क्षमता को 4 MTPA से बढ़ाकर 5 MTPA किया जाएगा। इसमें प्रति प्लांट ₹150 करोड़ (कुल ₹300 करोड़) का निवेश होगा और यह FY2026-27 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
- अंतरराष्ट्रीय विस्तार:
- सिंगापुर की Lloyds Asia Resources Pte. Ltd. (LARPL) में USD 5 मिलियन तक में 95% तक हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया जाएगा।
- दक्षिण अफ्रीका की दो कंपनियों (TP Phoenix और एक नई इकाई) में USD 1 मिलियन प्रति इकाई के हिसाब से 100% इक्विटी स्टेक का अधिग्रहण किया जाएगा।
ये कदम कंपनी की परिचालन क्षमता बढ़ाने, उत्पादन क्षमता का विस्तार करने और धातुओं व खनिज अन्वेषण में अपनी अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति को विविध बनाने की रणनीति को दर्शाते हैं।
जोखिम और आगे की राह
जहां एक ओर कंपनी के ग्रोथ के आंकड़े बेहद आकर्षक हैं, वहीं निवेशकों को एक अहम बात पर ध्यान देना चाहिए। ऑडिटर ने एक स्टेप-डाउन सब्सिडियरी के ₹481.76 करोड़ के ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) को लेकर 'Emphasis of Matter' (मामले पर ज़ोर) का उल्लेख किया है। यह राशि NTPC से विवादित HPC मजदूरी प्रतिपूर्ति (Disputed HPC wages reimbursement) से जुड़ी है, जिसके लिए कानूनी कार्यवाही चल रही है। हालांकि ऑडिटर के निष्कर्षों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, पर यह एक संभावित आकस्मिक देनदारी (Contingent Liability) का संकेत देता है। बड़े पैमाने पर किए जा रहे पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) के सफल निष्पादन और वित्त प्रबंधन पर कंपनी को सावधानी बरतनी होगी ताकि यह उम्मीद के मुताबिक रिटर्न दे सके। कंपनी की अंतर्राष्ट्रीय अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक एकीकृत करने और इन बड़े प्रोजेक्ट्स को संभालने की क्षमता ही उसके भविष्य के विकास पथ के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।