Lloyds Metals and Energy Limited के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 13 मार्च, 2026 को हुई मीटिंग में कई अहम फैसले लिए।
कंपनी ने 17,620,550 वारंट्स को इक्विटी शेयरों में बदलने की मंजूरी दी है, जिससे ₹847.55 करोड़ की बड़ी पूंजी जुटाई गई है। इस कैपिटल इनफ्यूजन (capital infusion) से कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होगी और इश्यू व पेड-अप इक्विटी शेयर कैपिटल बढ़ेगा।
इसके साथ ही, कंपनी की पूरी तरह से सब्सिडियरी (subsidiary) Lloyds Global Resources FZCO को केमैन आइलैंड्स (Cayman Islands) में स्थित Virtus Lloyds Minerals Holding (VLMH) में 49% तक इक्विटी स्टेक (equity stake) खरीदने की इजाजत भी मिल गई है। इस एक्वीजीशन (acquisition) के लिए अधिकतम USD 1 मिलियन का भुगतान किया जाएगा और यह डील अप्रैल 2026 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है।
यह बड़ी पूंजी जुटाना और विदेश में निवेश, Lloyds Metals and Energy को वित्तीय रूप से और मजबूत करेगा। इससे कंपनी को ग्लोबल माइनिंग (global mining) के नए अवसरों का फायदा उठाने और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप्स (strategic partnerships) बनाने में मदद मिलेगी। कंपनी दुबई के DMCC जोन में 'Virtus Lloyds Resources FZCO' के ज़रिए मेटल और माइनिंग में निवेश को फोकस कर रही है।
हालांकि, एक्वीजीशन इंटीग्रेशन (acquisition integration), कैपिटल की सही उपयोगिता, मेटल इंडस्ट्री की मार्केट वोलैटिलिटी (market volatility) और जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स (geopolitical factors) कंपनी के लिए संभावित जोखिम (potential risks) बने हुए हैं।
इंडस्ट्री में NMDC Ltd. (मार्केट कैप ₹70,765 करोड़) और Coal India Ltd. (मार्केट कैप ₹2.89 लाख करोड़) जैसे बड़े प्लेयर्स मौजूद हैं।
हालिया नतीजों की बात करें तो, मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट (consolidated net profit) ₹1,047.39 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स (revenue from operations) ₹5,058.08 करोड़ था। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन (market capitalization) लगभग ₹65,692.32 करोड़ है।
निवेशकों को VLMH एक्वीजीशन के फाइनल होने और नए फंड के सही इस्तेमाल पर नज़र रखनी चाहिए।
