Liverpool FC का वैल्यूएशन $6 अरब, 1892 Holdings ने खरीदी 30% हिस्सेदारी

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Liverpool FC का वैल्यूएशन $6 अरब, 1892 Holdings ने खरीदी 30% हिस्सेदारी

Fenway Sports Group (FSG) ने Liverpool Football Club की 30% हिस्सेदारी 1892 Holdings को बेच दी है। इस डील से क्लब का वैल्यूएशन $6 अरब हो गया है। 1892 Holdings, जेफ बेजोस और एडुआर्डो सेवरिन जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर बनी है। हालांकि, FSG क्लब का बहुमत स्वामित्व और संचालन नियंत्रण अपने पास रखेगी।

नई ओनरशिप संरचना

Liverpool Football Club अब एक नई ओनरशिप के दौर में प्रवेश कर रहा है। Fenway Sports Group (FSG) ने आधिकारिक तौर पर 1892 Holdings को क्लब की 30% माइनॉरिटी हिस्सेदारी बेचने का समझौता कर लिया है। इस ट्रांजेक्शन ने Premier League क्लब का वैल्यूएशन $6 अरब कर दिया है, जो पिछले दशक में टॉप स्पोर्ट्स एसेट्स की वैल्यू में आई भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है।

कौन हैं नए निवेशक?

1892 Holdings कंसोर्टियम का नेतृत्व व्यवसायी अमित भाटिया कर रहे हैं, जो अब क्लब के बोर्ड में वाइस-चेयरमैन के तौर पर शामिल होंगे। इस इन्वेस्टमेंट ग्रुप में Amazon के फाउंडर जेफ बेजोस (जिन्होंने K5 Sports फंड के जरिए निवेश किया है), Facebook के को-फाउंडर एडुआर्डो सेवरिन और मित्तल फैमिली ट्रस्ट्स जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इन हाई-प्रोफाइल निवेशकों के आने के बावजूद, FSG क्लब का बहुमत स्वामित्व और पूरा ऑपरेशनल कंट्रोल अपने पास रखेगी। अमित भाटिया भले ही बोर्ड में जगह बनाएंगे, लेकिन जेफ बेजोस की कोई औपचारिक बोर्ड पोजिशन नहीं होगी।

वैल्यू में हुआ जबरदस्त इजाफा

FSG ने 2010 में Liverpool FC को £300 मिलियन में खरीदा था। आज $6 अरब का वैल्यूएशन इस बात का सबूत है कि क्लब का प्रदर्शन और कमर्शियल मैनेजमेंट कितना मजबूत हुआ है। क्लब की ग्लोबल रेवेन्यू और ब्रांड वैल्यू में भी काफी बढ़ोतरी हुई है।

यह डील बड़े ग्लोबल इन्वेस्टमेंट ग्रुप्स के प्रीमियम स्पोर्ट्स फ्रेंचाइजी को टारगेट करने के बढ़ते ट्रेंड का हिस्सा है। नए पूंजी के निवेश और अनुभवी बिजनेस लीडर्स के शामिल होने से क्लब की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी और ग्लोबल ब्रांड एक्सपेंशन में मदद मिलने की उम्मीद है।

रेगुलेटरी अप्रूवल का इंतजार

यह डील अभी फाइनल नहीं हुई है और इसे स्टैंडर्ड रेगुलेटरी अप्रूवल की जरूरत होगी, जिसमें करीब 90 दिन लग सकते हैं। निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि नया बोर्ड FSG के मौजूदा लीडरशिप के साथ कैसे काम करता है। नए ओनरशिप ग्रुप के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि नए फाइनेंशियल पार्टनर्स क्लब की मौजूदा ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी और परंपराओं के साथ सुचारू रूप से तालमेल बिठा सकें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.