Lenskart Solutions में एक बड़े ब्लॉक डील के जरिए **3.6 करोड़** शेयरों की खरीद-बिक्री हुई है। **₹688** प्रति शेयर की कीमत पर हुई इस डील का कुल मूल्य **₹2,468 करोड़** है। बाजार में सप्लाई बढ़ने की चिंता के चलते स्टॉक में **2%** की गिरावट दर्ज की गई है।
ब्लॉक डील का गणित
इस बड़ी डील के तहत कंपनी की 2.07% हिस्सेदारी बदली है। निवेशकों को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह हालिया बिकवाली उन सेकेंडरी मार्केट एग्जिट्स (Secondary Market Exits) का हिस्सा है, जिसे बड़े अर्ली-स्टेज इन्वेस्टर्स अंजाम दे रहे हैं। इस ट्रांजेक्शन के कारण बाजार में शेयर की सप्लाई अचानक बढ़ गई है, जिससे शॉर्ट-टर्म में स्टॉक पर दबाव दिख रहा है।
क्या कहते हैं फाइनेंशियल आंकड़े?
शेयरों की बिकवाली के बावजूद, कंपनी का फाइनेंशियल ट्रैक रिकॉर्ड काफी दमदार है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट उछलकर ₹222 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी अवधि में महज ₹60 करोड़ था। कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ 43.3% (YoY) रही है। इसके अलावा, EBITDA मार्जिन बढ़कर 21.7% हो गया है, जो बताता है कि कंपनी का कोर बिजनेस ऑपरेशन अब काफी ज्यादा एफिशिएंट हो चुका है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
फिलहाल, Alpha Wave Ventures और SVF II Lightbulb जैसे बड़े नामों के निकलने से मार्केट में घबराहट हो सकती है, लेकिन 90 दिन का लॉक-अप पीरियड आने वाले समय में सप्लाई को सीमित रखने में मदद करेगा। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या कंपनी का ग्रोथ प्रोफाइल आने वाली तिमाहियों में इस दबाव को झेल पाएगा या नहीं।
