Lenskart के शेयरों में आज सोमवार को करीब **4%** की गिरावट दर्ज की गई है। कंपनी के **₹1,895 करोड़** की ब्लॉक डील के बाद यह दबाव देखने को मिला, जिसमें **1.67%** इक्विटी की हिस्सेदारी बेची गई है।
सोमवार के कारोबारी सत्र में Lenskart Solutions के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। बाजार खुलते ही शेयर करीब 4% नीचे फिसल गए। इस गिरावट के पीछे की बड़ी वजह ₹1,895 करोड़ की ब्लॉक डील है, जिसके जरिए कंपनी के लगभग 2.93 करोड़ शेयर हाथों-हाथ बदले गए। यह पूरी डील ₹647 प्रति शेयर के भाव पर हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बिकवाली के पीछे ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म Alpha Wave Ventures का हाथ है।
डील का असर और बाजार का नजरिया
दिलचस्प बात यह है कि यह डील ₹640 के फ्लोर प्राइस से ऊपर हुई है, जो यह दर्शाता है कि इतनी बड़ी मात्रा में शेयर आने के बावजूद मार्केट में डिमांड बनी हुई है। साल 2026 में यह कोई पहली बार नहीं है, बल्कि इससे पहले भी SoftBank Vision Fund II और Abu Dhabi Investment Authority जैसी बड़ी संस्थाएं अपनी हिस्सेदारी कम कर चुकी हैं।
कंपनी के फंडामेंटल्स क्या कहते हैं?
भले ही ब्लॉक डील से शेयर में शॉर्ट-टर्म अस्थिरता (Volatility) आई हो, लेकिन कंपनी की ऑपरेशनल ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में कंपनी ने 34% की शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है। इसके अलावा, बेहतर एफिशिएंसी की बदौलत EBITDA मार्जिन में भी सुधार हुआ है। बता दें कि साल 2026 के दौरान कंपनी का स्टॉक करीब 48% का जोरदार रिटर्न दे चुका है, जो निवेशकों का कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटेजी पर भरोसा दिखाता है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
फिलहाल शेयर में दिख रही गिरावट की मुख्य वजह 'सप्लाई ओवरहैंग' (Supply Overhang) है। जब भी बड़े निवेशक अपना हिस्सा बेचते हैं, तो बाजार में शेयरों की संख्या बढ़ने से दबाव बनता है। जानकारों का मानना है कि निवेशकों को अब रोज के उतार-चढ़ाव के बजाय कंपनी की मार्जिन विस्तार क्षमता और नए स्टोर्स के विस्तार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। आने वाले समय में कंपनी की अर्निंग ग्रोथ ही तय करेगी कि क्या यह स्टॉक सप्लाई के इस दबाव को पार कर पाता है या नहीं।
