Byju's कर्ज विवाद: Aakash के 30% शेयर पर निगाहें, ₹1 अरब की डील का रास्ता साफ?

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Byju's कर्ज विवाद: Aakash के 30% शेयर पर निगाहें, ₹1 अरब की डील का रास्ता साफ?

एक बड़ी खबर के मुताबिक, Byju's के कर्जदाताओं ने कंपनी की सबसे कीमती संपत्ति, Aakash Educational Services के **30%** स्टेक पर नज़र गड़ा ली है। इस डील का मकसद करीब **$1 अरब** के लोन डिफॉल्ट को सुलझाना है। अगर यह डील पक्की होती है, तो कोचिंग इंस्टीट्यूट की वैल्यू करीब **$2 अरब** हो जाएगी और Byju's के संस्थापक के खिलाफ चल रहे कानूनी मामले भी खत्म हो सकते हैं।

क्या हुआ?

Byju's के कर्जदाताओं (Lenders) के बीच Aakash Educational Services के 30% स्टेक को अधिग्रहित (Acquire) करने के लिए बातचीत अपने अंतिम चरण में है। यह प्रस्तावित डील लगभग $1 अरब के डिफ़ॉल्ट लोन (Defaulted Loans) से जुड़े एक जटिल और लंबे विवाद को सुलझाने की रणनीति का हिस्सा है। इन वार्ताओं का नेतृत्व अमेरिका की फर्म Glas Trust कर रही है, जो मामले में शामिल कर्जदाताओं का प्रतिनिधित्व करती है।

इस सेटलमेंट के तहत, कर्जदाताओं से Byju's के संस्थापक Byju Raveendran के खिलाफ दायर विभिन्न कानूनी मामलों को वापस लेने की उम्मीद है। ये कानूनी कार्रवाई, जो भारत, सिंगापुर और संयुक्त राज्य अमेरिका की अदालतों में चलीं, लोन डिफॉल्ट और फंड के गलत इस्तेमाल के आरोपों के बाद शुरू की गई थीं। Byju's और उसके संस्थापक ने लगातार इन दावों का खंडन किया है।

Aakash Educational Services का वैल्यूएशन

प्रस्तावित सेटलमेंट में Aakash Educational Services का वैल्यूएशन लगभग $2 अरब आंका गया है। कर्जदाताओं के लिए, यह स्टेक हासिल करना बकाया कर्ज की रिकवरी का एक तरीका है। Byju's ने 2021 में Aakash को लगभग $1 अरब में अधिग्रहित किया था, और यह उसकी वैल्यूएबल एसेट्स में से एक था। अधिग्रहण के बाद से, Aakash की ओनरशिप स्ट्रक्चर में बदलाव आया है, जिसमें Manipal Education and Medical Group एक प्रमुख शेयरधारक के रूप में उभरा है।

Aakash भारतीय शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना हुआ है, जिसके देश भर में 300 से अधिक सेंटर हैं। यह मेडिकल और इंजीनियरिंग के लिए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करता है। 5,000 से अधिक फैकल्टी सदस्यों और लगभग $254 मिलियन के सालाना रेवेन्यू के साथ, Aakash को कर्जदाताओं द्वारा Byju's इकोसिस्टम में सबसे मूल्यवान एसेट के रूप में देखा जाता है।

बिजनेस और कानूनी संदर्भ

Byju's कभी भारत का सबसे अधिक वैल्यूएबल एडटेक स्टार्टअप था, लेकिन महामारी के दौरान आक्रामक विस्तार के बाद इसे गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा है। कंपनी पहले 21 से अधिक देशों में काम करती थी, लेकिन तब से इसका ग्लोबल फुटप्रिंट और वैल्यूएशन तेजी से घटा है। 2024 में, संस्थापक ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि बढ़ते वित्तीय दबाव और कानूनी चुनौतियों के कारण कंपनी का वैल्यूएशन लगभग शून्य के स्तर पर आ गया था।

इन वार्ताओं का नतीजा कर्जदाताओं और Aakash के भविष्य, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। कर्जदाताओं का प्राथमिक लक्ष्य $1 अरब के लोन का यथासंभव अधिक से अधिक हिस्सा वसूल करना है। Aakash के लिए, ओनरशिप में यह बदलाव मूल कंपनी को प्रभावित करने वाली कानूनी और वित्तीय परेशानियों से एक नई शुरुआत प्रदान कर सकता है।

आगे क्या देखना है

हितधारकों (Stakeholders) और बाजार पर्यवेक्षकों के लिए मुख्य निगरानी योग्य बातों में 30% स्टेक के वैल्यूएशन पर औपचारिक समझौता और कानूनी कार्यवाही की वास्तविक वापसी शामिल है। निवेशक और उद्योग प्रतिभागी देखेंगे कि ओनरशिप ट्रांज़िशन कैसे संरचित (Structured) होता है, खासकर Aakash में अन्य बड़े निवेशकों की मौजूदा उपस्थिति को देखते हुए। इसके अतिरिक्त, इस स्टेक ट्रांसफर के लिए आवश्यक कोई भी नियामक मंजूरी (Regulatory Approvals) सेटलमेंट को अंतिम रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

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