स्मार्टफोन मेकर Lava International में टॉप लेवल पर बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। कंपनी के MD सुनील रैना और CFO राजेश सेठी पद छोड़ने की तैयारी में हैं, जिससे कंपनी की भविष्य की रणनीति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
टॉप मैनेजमेंट में खाली हुई जगहें
स्मार्टफोन ब्रांड Lava International इस समय अपने सीनियर मैनेजमेंट में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील रैना, जो पिछले 16 सालों से फर्म के साथ जुड़े थे, दिसंबर के अंत तक पद छोड़ सकते हैं। वहीं, चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर राजेश सेठी फिलहाल नोटिस पीरियड पर हैं। इससे पहले, चीफ मैन्युफैक्चरिंग ऑफिसर संजीव अग्रवाल भी कंपनी छोड़कर Micron Technology में शामिल हो चुके हैं, जिससे मैनेजमेंट टीम में रिक्तियों का सिलसिला बढ़ गया है।
टर्नअराउंड स्ट्रेटजी पर संकट
यह घटनाक्रम कंपनी के लिए बेहद नाजुक समय पर आया है। Lava इस समय एंट्री-लेवल स्मार्टफोन मार्केट में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है, क्योंकि कई बड़ी चीनी कंपनियां अब अपना फोकस महंगे सेगमेंट की ओर शिफ्ट कर रही हैं। ऐसे समय में जब कंपनी को बाजार में अपनी पकड़ बनानी है, टॉप लीडरशिप का जाना उसकी ऑपरेशनल स्टेबिलिटी के लिए एक बड़ा झटका साबित हो सकता है।
पुराने विवाद और भविष्य की राह
नेतृत्व में इस बदलाव ने कंपनी के पुराने गवर्नेंस मुद्दों को भी चर्चा में ला दिया है। साल 2023 में प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कंपनी के को-फाउंडर हरि ओम राय को गिरफ्तार किया था। अब बाजार में अटकलें हैं कि क्या को-फाउंडर की वापसी हो सकती है, हालांकि कंपनी की तरफ से उत्तराधिकार योजना (Succession Plan) पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
निवेशकों और बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि कंपनी नए नेतृत्व को लेकर क्या कदम उठाती है। क्या बाहरी लीडर्स को लाकर रणनीति बदली जाएगी या प्रमोटर-लेवल पर बड़ा बदलाव होगा, इसका जवाब ही कंपनी के भविष्य की दिशा तय करेगा।
