जम्मू-कश्मीर के पुंछ में घुसपैठ की कोशिश कर रहे लश्कर-ए-तैयबा के टॉप कमांडर मोहम्मद फैजान और उसके 3 साथियों की लैंडमाइन विस्फोट में मौत हो गई है। यह घटना 12 अक्टूबर 2026 को कृष्णा घाटी सेक्टर में हुई।
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में कृष्णा घाटी सेक्टर के नंगी टेकरी इलाके में एक बड़ा ऑपरेशनल डेवलपमेंट सामने आया है। लश्कर-ए-तैयबा का सीनियर कमांडर मोहम्मद फैजान और उसके 3 साथी उस वक्त मारे गए, जब वे भारतीय सीमा में घुसपैठ की फिराक में थे। जैसे ही ये आतंकी सीमा पार करने के लिए आगे बढ़े, वहां बिछी एंटी-इंफिल्ट्रेशन माइन्स (landmines) में जोरदार धमाका हो गया।
सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर
इस घटना के बाद भारतीय सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में अपना रक्षा घेरा और मजबूत कर दिया है। सेना के सूत्रों का मानना है कि सर्दियों की शुरुआत से पहले आतंकी गुट सीमा पार करने की कोशिश में तेजी लाते हैं, ताकि बर्फबारी से रास्ते बंद होने से पहले घुसपैठ पूरी की जा सके।
माइंस का खतरा और चुनौतियां
इस क्षेत्र में सुरक्षा बलों के सामने केवल घुसपैठ ही नहीं, बल्कि प्रकृति से जुड़ी चुनौतियां भी हैं। भारी मॉनसून के कारण पुरानी माइंस अक्सर अपनी जगह से खिसक कर रास्तों पर आ जाती हैं। हाल ही में, सेना के इंजीनियरों ने ट्रैक्स की सफाई के दौरान करीब 12 ऐसे विस्फोटक डिफ्यूज किए थे। यह पूरा घटनाक्रम जम्मू-कश्मीर में बॉर्डर की जटिल सुरक्षा स्थिति और वहां की स्थिरता पर असर डालने वाले जोखिमों को दर्शाता है, जिस पर सुरक्षा जानकारों की पैनी नजर बनी हुई है।
