उत्तरी सिक्किम के मंगन जिले में हुए एक भीषण लैंडस्लाइड ने Teesta और Chyakoong नदियों के बहाव को आंशिक रूप से रोक दिया है। हालांकि अब पानी का फ्लो काफी हद तक सामान्य हो गया है, लेकिन बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में अलर्ट जारी है।
उत्तरी सिक्किम के नागा फॉरेस्ट इलाके में 5 सितंबर, 2026 की रात एक बड़ा भूस्खलन (Landslide) हुआ, जिससे तीस्ता और च्याकोंग नदियों का संगम पूरी तरह से बाधित हो गया। मलबे के कारण पानी का स्तर ऊपर की ओर बढ़ने लगा, जिससे निचले इलाकों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा पैदा हो गया था। यह मलबा मुख्य रूप से हाल ही में बनी नागा-तोसा रोड और थेन्ग टनल के पास की पहाड़ी से आया है।\n\n### स्थिति पर नजर\n6 सितंबर, 2026 तक, अधिकारियों ने बताया कि तीस्ता नदी का बहाव काफी हद तक सामान्य हो गया है, हालांकि च्याकोंग नदी में अभी भी रुकावटें हैं। किसी भी तरह की जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन स्थानीय प्रशासन और पुलिस स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। पास ही स्थित Dikchu Dam से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों में अभी भी अलर्ट जारी है।\n\n### निवेशकों के लिए चेतावनी\nयह घटना तीस्ता बेसिन में चल रहे तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए एक बड़े रिस्क की तरह है। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक संवेदनशीलता और मानसून के दौरान भूवैज्ञानिक घटनाएं अक्सर सड़कों और हाइड्रोपावर प्लांट जैसे यूटिलिटी एसेट्स के लिए चुनौतीपूर्ण होती हैं। इस तरह के आयोजनों से न केवल प्रोजेक्ट में देरी हो सकती है, बल्कि कंपनियों के मेंटेनेंस कॉस्ट में भी भारी उछाल आ सकता है।\n\nफिलहाल, उन सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए यह बेहद जरूरी है जो इस क्षेत्र में निवेश किए हुए हैं कि वे प्रोजेक्ट्स की स्ट्रक्चरल मजबूती और आपदा प्रबंधन प्रोटोकॉल की प्रभावशीलता पर लगातार नजर रखें।
