Larsen & Toubro (L&T) ने जून तिमाही में 14% के मुनाफे की बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि Rail Vikas Nigam (RVNL) को रेलवे के दोहरीकरण कार्यों के लिए ₹359 करोड़ का EPC अनुबंध मिला है। निवेशक इन नतीजों के साथ DCM Shriram के मुनाफे में उछाल और Phoenix Mills के शेयरों में आई भारी गिरावट का भी आकलन कर रहे हैं।
L&T के मुनाफे में उछाल
Larsen & Toubro (L&T) के शेयरों में आज लगभग 4% की तेजी देखी गई, क्योंकि कंपनी ने जून तिमाही के नतीजे पेश किए। इस इंजीनियरिंग दिग्गज ने ₹4,123 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 14% अधिक है। तिमाही के लिए राजस्व ₹67,942 करोड़ रहा, जो 7% की वृद्धि दर्शाता है। यह प्रदर्शन कंपनी के बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर ऑर्डर बुक के निष्पादन को उजागर करता है, जो निवेशकों के लिए लंबी अवधि की प्रोजेक्ट डिलीवरी क्षमताओं को ट्रैक करने का एक प्रमुख मीट्रिक बना हुआ है।
RVNL को मिला नया कॉन्ट्रैक्ट
Rail Vikas Nigam (RVNL) के शेयर में भी 3% की बढ़ोतरी हुई, जिसके बाद कंपनी ने एक नए अनुबंध की घोषणा की। कंपनी को ईस्ट सेंट्रल रेलवे से रेलवे लाइन के दोहरीकरण कार्यों के लिए एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) अनुबंध के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) प्राप्त हुआ है। लगभग ₹358.97 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से भविष्य के रेवेन्यू की अच्छी उम्मीद है। हालांकि, कच्चे माल की लागत और प्रोजेक्ट निष्पादन की गति पर इसका अंतिम मार्जिन प्रभाव निर्भर करेगा।
अन्य कंपनियों के नतीजे
DCM Shriram के शेयरों में 4% का उल्लेखनीय उछाल देखा गया, क्योंकि कंपनी ने जून तिमाही के लिए अपने नेट प्रॉफिट में छह गुना से अधिक की छलांग लगाकर ₹692.8 करोड़ दर्ज किए। यह प्रॉफिट पिछले साल की तुलना में 9.5% बढ़कर ₹3,784.7 करोड़ के रेवेन्यू से भी मजबूत हुआ, जिसमें ₹79.42 करोड़ के असाधारण लाभ भी शामिल हैं।
वहीं, दूसरी ओर Phoenix Mills के शेयरों में 5% की गिरावट आई, भले ही कंपनी ने 23.3% बढ़कर ₹296.9 करोड़ का प्रॉफिट और 12.8% बढ़कर ₹1,074.9 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह शेयर की चाल बताती है कि निवेशकों की उम्मीदें शायद कंपनी के प्रदर्शन से कहीं अधिक थीं या वे कुछ खास परिचालन मेट्रिक्स को लेकर चिंतित थे।
बाजार की अन्य खबरें
अन्य बाजार अपडेट्स में, Birlasoft के शेयरों में 1.2% की बढ़त दर्ज की गई, जो कि कंपनी के तिमाही लाभ में 51.3% की वृद्धि के बाद आया, जो ₹161 करोड़ रहा। वहीं, राजस्व 7.4% बढ़कर ₹1,379.4 करोड़ हो गया। Biocon के शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई। भले ही कंपनी की कैनेडियन सहायक कंपनी को हेल्थ कनाडा से एक दवा के लिए नियामक मंजूरी मिल गई, लेकिन इस सकारात्मक खबर से स्टॉक की कीमत में तुरंत कोई खास उछाल नहीं आया।
निवेशक आने वाली तिमाहियों में लाभ और राजस्व में वृद्धि की स्थिरता का मूल्यांकन करना जारी रखेंगे, खासकर जब कंपनियां उतार-चढ़ाव वाली इनपुट लागतों और अपने-अपने क्षेत्रों में बदलती मांग का सामना कर रही हैं।
