क्यों आई मुनाफे में इतनी बड़ी गिरावट?
कंपनी के नतीजों पर कई वजहों का असर साफ दिखा। सबसे बड़ी मार इनपुट कॉस्ट (input costs) यानी कच्चे माल की बढ़ती कीमतों की पड़ी। कॉपर और एल्यूमीनियम जैसे मटीरियल के दाम बढ़ने से कंपनी का खर्च बढ़ा। इसके अलावा, करेंसी में आई अस्थिरता (currency headwinds) और सुस्त मांग (subdued demand), खासकर त्योहारी सीजन के बाद, बिक्री पर भारी पड़ी।
कंप्रेसर-आधारित उत्पादों (compressor-led products) की मांग में कमी के कारण बिक्री वॉल्यूम कम रहा, जिसका सीधा असर कंपनी की ऑपरेटिंग लेवरेज (operating leverage) पर पड़ा। यानी, फिक्स्ड कॉस्ट (fixed costs) का बड़ा हिस्सा रेवेन्यू में शामिल हो गया। नए लेबर कोड (Labour Code) का असर और इलेक्ट्रॉनिक रीसाइक्लिंग (electronic recycling) के बढ़ते टारगेट से भी कंपनी पर लागत का बोझ बढ़ा।
इन सब कारणों से कंपनी का EBITDA मार्जिन (EBITDA margin) भी घटकर 4.8% पर आ गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.7% था। यानी, हर ₹100 की बिक्री पर कंपनी का मुनाफा कम हो गया।
सेगमेंट की बात करें तो, होम अप्लायंसेज और एयर सॉल्यूशन सेगमेंट (Home Appliance & Air Solution segment) का रेवेन्यू YoY बेसिस पर ₹3,091 करोड़ से घटकर ₹2,788 करोड़ हो गया। वहीं, होम एंटरटेनमेंट (Home Entertainment) डिविजन का रेवेन्यू 1.7% बढ़कर ₹1,326 करोड़ रहा, लेकिन मार्जिन पर दबाव बना रहा।
फाइनेंशियल हेल्थ और निवेश की तैयारी
कंपनी का वर्किंग कैपिटल (working capital) भी बढ़कर ₹1,130 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹810 करोड़ था। यह मुख्य रूप से इन्वेंट्री (inventory) बढ़ने और ट्रेड पार्टनर्स को बिक्री बढ़ाने के लिए बढ़ाए गए पेमेंट टर्म्स का नतीजा है। हालांकि, कंपनी की फाइनेंशियल पोजीशन मजबूत बनी हुई है, जिसके पास 31 दिसंबर, 2025 तक करीब ₹4,500 करोड़ कैश और बैंक बैलेंस के रूप में मौजूद हैं।
कंपनी ने CBDT के साथ 9 साल के एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) पर साइन करने के बाद लगभग ₹487 करोड़ का वन-टाइम टैक्स आउटगो (one-time tax outgo) भी दर्ज किया।
LG Electronics India अपने फ्यूचर ग्रोथ के लिए बड़े निवेश की तैयारी कर रही है। कंपनी आंध्र प्रदेश के श्री सिटी (Sri City) में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए अगले 4-5 सालों में ₹5,000 करोड़ का निवेश करेगी, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से AC और कंप्रेसर बनाने में होगा। यह तीसरा प्लांट Q4 CY26 में ऑपरेशनल होने की उम्मीद है।
भविष्य की राह: 'मेक फॉर इंडिया' और एक्सपोर्ट पर जोर
इस मुश्किल दौर से निकलने के लिए LG Electronics India ने कई रणनीतियां तैयार की हैं। कंपनी 'मेक फॉर इंडिया' (Make for India) और 'ग्लोबल साउथ' (Global South) पहलों को और मजबूत करेगी। साथ ही, भारत में प्रोडक्शन की लोकलइज़ेशन (localization) को बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, जो अभी 54.6% है। कंपनी अपने एक्सपोर्ट को भी दोगुना करने का लक्ष्य रख रही है, खासकर अमेरिका और यूरोप जैसे बड़े बाजारों में।
इसके लिए ₹5,000 करोड़ के निवेश से श्री सिटी में बन रहा तीसरा प्लांट अहम भूमिका निभाएगा। नए प्रोडक्ट्स, जैसे बजट-फ्रेंडली 'एसेंशियल सीरीज' (Essential Series) और नए BEE-कंप्लायंट ACs को लॉन्च किया जा रहा है। साथ ही B2B और आफ्टर-सेल्स सर्विस (AMC) सेग्मेंट्स को भी बढ़ाया जाएगा।
आगे क्या? उम्मीद है बेहतर परफॉर्मेंस की
कंपनी को उम्मीद है कि Q4 FY26 में परफॉर्मेंस पिछले साल की समान तिमाही से बेहतर रहेगा, जिसमें डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और मिड-टीन डिजिट EBITDA मार्जिन की उम्मीद है। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2026 (FY26) के लिए, कंपनी लगभग सिंगल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और डबल-डिजिट EBITDA मार्जिन का अनुमान लगा रही है। फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) के लिए ग्रोथ का आउटलुक और मजबूत है, जिसमें डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और शुरुआती टीन-डिजिट मार्जिन का लक्ष्य है।
कॉम्पिटिशन में कहां है LG?
LG Electronics India का मुकाबला Samsung India, Voltas, Whirlpool, Haier Appliances India, Havells India, Panasonic India और Dixon Technologies जैसे दिग्गजों से है। हालांकि, कंपनी वॉशिंग मशीन ( 33%), रेफ्रिजरेटर ( 30% ), और AC ( 17.3% ) जैसे सेगमेंट में मार्केट शेयर बढ़ाने में कामयाब रही है, लेकिन ओवरऑल इंडस्ट्री पर लागत और डिमांड का दबाव बना हुआ है।
खास बातें
- महाराष्ट्र सरकार से ₹705 करोड़ का इंसेंटिव मिला।
- भारत के पहले 2026 BEE कंप्लायंट एयर कंडीशनर लॉन्च किए।
- वॉशिंग मशीन के लिए नेशनल एनर्जी कंजर्वेशन अवार्ड जीता।
- CBDT के साथ 9 साल का एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट (APA) साइन किया।
- श्री सिटी, आंध्र प्रदेश में तीसरा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट तैयार हो रहा है।