LEAP India और Technocraft Ventures IPO: निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर नजर

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AuthorMehul Desai|Published at:
LEAP India और Technocraft Ventures IPO: निवेशकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स, अलॉटमेंट और लिस्टिंग पर नजर

LEAP India और Technocraft Ventures के IPO सब्सक्रिप्शन 11 अगस्त 2026 को बंद हो गए हैं। दोनों ही कंपनियों को इंस्टीट्यूशनल और रिटेल निवेशकों से ज़बरदस्त दिलचस्पी मिली है। हालांकि, सब्सक्रिप्शन नंबर्स तो अच्छे रहे, पर अब निवेशकों का ध्यान अलॉटमेंट स्टेटस और लिस्टिंग पर होने वाले फायदों की ओर चला गया है। ये दोनों कंपनियां 14 अगस्त 2026 को स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट हो सकती हैं।

IPO सब्सक्रिप्शन का क्लोजिंग डे: कैसा रहा माहौल?

LEAP India और Technocraft Ventures के इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPOs) 11 अगस्त 2026, मंगलवार को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद हो गए। इस दिन प्राइमरी मार्केट के निवेशकों के लिए काफी गहमागहमी रही। दोनों ही कंपनियों के IPOs में अच्छी खासी ओवरसब्सक्रिप्शन देखने को मिली, जो कि इक्विटी मार्केट में लगातार बनी हुई रुचि का संकेत है, भले ही कुछ वैल्यूएशन और बिजनेस मॉडल को लेकर चिंताएं हों।

LEAP India IPO: डेट घटाने की तैयारी

LEAP India ने अपने IPO के जरिए ₹2,480 करोड़ जुटाने का लक्ष्य रखा था। फाइनल दिन के अंत तक, इस IPO को 8.38 गुना सब्सक्राइब किया गया। इसमें सबसे ज्यादा दिलचस्पी क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) से आई, जिन्होंने अपने लिए आवंटित हिस्से का 16.84 गुना बोली लगाई, और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) ने 12.64 गुना सब्सक्राइब किया। कंपनी की योजना इस फंड का इस्तेमाल कर्ज कम करने और वर्किंग कैपिटल को बेहतर बनाने में करना है।

लेकिन, निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि ₹159 के अपर प्राइस बैंड पर वैल्यूएशन, FY26 की कमाई के आधार पर 113.6 गुना के हाई प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल को दर्शाता है। इसके अलावा, कंपनी ने 6.19% का अपेक्षाकृत कम रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) दर्ज किया है, जिसका मतलब है कि आने वाली तिमाहियों में शेयरहोल्डर कैपिटल की तुलना में प्रॉफिटेबिलिटी एक अहम पैमाना रहेगी जिस पर नज़र रखनी होगी।

Technocraft Ventures IPO: इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

Technocraft Ventures ने LEAP India की तुलना में और भी ज्यादा जबरदस्त डिमांड देखी, और कुल मिलाकर 38.69 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ। यह ऑफर इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स और हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स के बीच खास तौर पर लोकप्रिय रहा। QIB हिस्से को 42.26 गुना और NII हिस्से को 65.06 गुना सब्सक्राइब किया गया।

यह कंपनी एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) फर्म के तौर पर काम करती है, और उत्तरी भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर इसका काफी फोकस है। मजबूत सब्सक्रिप्शन इसके ग्रोथ पाथ पर मार्केट के भरोसे को दर्शाता है, लेकिन इसके बिजनेस मॉडल में कुछ जोखिम भी हैं। चूंकि Technocraft काफी हद तक सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है, इसका फाइनेंशियल परफॉरमेंस सरकारी नीतियों में बदलाव, प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन में देरी और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में आम पेमेंट साइकिल से प्रभावित हो सकता है।

आगे क्या?

अब दोनों IPOs के निवेशकों के लिए अगला कदम शेयर अलॉटमेंट प्रोसेस है, जो 12 अगस्त 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। असफल आवेदकों को जल्द ही रिफंड जारी कर दिया जाएगा। दोनों कंपनियों के शेयर्स 14 अगस्त 2026 को NSE और BSE पर डेब्यू करने वाले हैं।

इतने हाई सब्सक्रिप्शन नंबर्स को देखते हुए, सबकी निगाहें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या लिस्टिंग प्राइस बिडिंग के दौरान देखी गई डिमांड को बनाए रख पाएगा। लंबी अवधि के लिए, निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि LEAP India अपने रिटर्न रेश्यो को कैसे बेहतर कर पाता है और Technocraft Ventures एक कॉम्पिटिटिव इंफ्रास्ट्रक्चर परिदृश्य में अपनी वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों को कितनी कुशलता से मैनेज कर पाता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.