लॉजिस्टिक और सप्लाई चेन कंपनी LEAP India का ₹2,480 करोड़ का IPO 7 अगस्त को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा। कंपनी ने इसके लिए **₹151-159** प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। इस IPO में **₹480 करोड़** का फ्रेश इश्यू और मौजूदा निवेशकों द्वारा **₹2,000 करोड़** का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल है।
IPO का पूरा विवरण
LEAP India, जो कि एक एसेट-पूलिंग और सप्लाई चेन मैनेजमेंट कंपनी है, 7 अगस्त 2026 को अपना IPO लेकर आ रही है। कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹2,480 करोड़ जुटाएगी। इस रकम में से ₹480 करोड़ फ्रेश इक्विटी इश्यू के जरिए आएंगे, जिनका इस्तेमाल कंपनी अपनी परिचालन जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। वहीं, ₹2,000 करोड़ मौजूदा निवेशकों के शेयर बेचने से आएंगे, यानी ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए।
निवेश कैसे करें और कब?
इच्छुक निवेशक इस IPO में ₹151 से ₹159 प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर बोली लगा सकते हैं। रिटेल निवेशकों के लिए कम से कम 94 शेयरों का एक लॉट खरीदना अनिवार्य होगा, जिससे ऊपरी प्राइस बैंड पर न्यूनतम निवेश ₹14,946 तक पहुंच जाता है। यह सब्सक्रिप्शन विंडो 11 अगस्त 2026 को बंद हो जाएगी। इसके बाद, कंपनी 12 अगस्त को अलॉटमेंट फाइनल करेगी और स्टॉक 14 अगस्त को BSE और NSE पर लिस्ट हो जाएगा।
कंपनी का बिजनेस मॉडल
2013 में स्थापित LEAP India, ऑटोमोटिव, एफएमसीजी और ई-कॉमर्स जैसे उद्योगों को पैलेट (pallets) और रिटर्न करने योग्य पैकेजिंग जैसे उपकरण सप्लाई करती है। कंपनी का बिजनेस मॉडल शेयर्ड लॉजिस्टिक एसेट्स पर केंद्रित है, जो क्लाइंट्स को लागत कम करने और सप्लाई चेन की एफिशिएंसी बढ़ाने में मदद करता है। यह ध्यान देने योग्य है कि 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट फर्म KKR ने कंपनी में मेजॉरिटी स्टेक खरीदा था, जो एशिया में लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेस में संस्थागत रुचि का संकेत देता है।
अहम बातें
ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत ₹2,000 करोड़ का बड़ा हिस्सा कंपनी के विस्तार के बजाय मौजूदा निवेशकों के लिए लिक्विडिटी इवेंट (liquidity event) का प्रतिनिधित्व करता है। IPO के सार्वजनिक लॉन्च से पहले, अनलिस्टेड मार्केट (unlisted market) में शुरुआती सेंटिमेंट (sentiment) मामूली रहा है, जिसमें अपर प्राइस बैंड पर लगभग 2.5% का ग्रे मार्केट प्रीमियम (grey market premium) बताया जा रहा है। लॉजिस्टिक्स-केंद्रित फर्म के रूप में, कंपनी का भविष्य प्रदर्शन औद्योगिक मांग और एसेट-पूलिंग सेवाओं की एफिशिएंसी पर काफी हद तक निर्भर करेगा।
