कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल में हुई एक दुखद घटना में **19** लोगों की मौत हो गई और **25** लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने **12** लोगों को हिरासत में लिया है और पश्चिम बंगाल सरकार ने मुआवजे के साथ-साथ सभी बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए कड़े सुरक्षा ऑडिट का ऐलान किया है।
उत्तरी कोलकाता के चोरबागन कम्युनिटी पंडाल में शनिवार को हुई भगदड़ में 19 लोगों ने अपनी जान गंवा दी और 25 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने जवाबदेही तय करते हुए 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें इवेंट के आयोजक और निजी सुरक्षा ठेकेदार शामिल हैं। शुरुआती जांच में पुलिस की कम तैनाती और भीड़ को संभालने में कुप्रबंधन मुख्य वजह बनकर उभरे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लाउडस्पीकर पर गलत घोषणाओं और चितरंजन एवेन्यू के संकरे रास्तों पर निकास संकेतों की कमी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया।\n\nराज्य सरकार ने मानवीय आधार पर पीड़ितों के परिवारों के लिए ₹25 लाख के मुआवजे और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता मेडिकल कॉलेज और अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। इस घटना के बाद, राज्य में सभी बड़े सार्वजनिक आयोजनों को फिलहाल रोक दिया गया है।\n\nप्रशासन ने त्योहारों के आयोजन के लिए एक हाई-लेवल कमिटी बनाई है जो आपदा प्रबंधन विभाग, फायर सर्विसेज और राज्य पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा मानकों की समीक्षा करेगी। अब पंडालों में एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स, स्ट्रक्चरल मजबूती और लाइटिंग के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे। सरकार ने आयोजकों को साफ चेतावनी दी है कि सजावट के चक्कर में सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।\n\nफोरेंसिक विशेषज्ञ और स्पेशल टास्क फोर्स अभी घटना स्थल की जांच कर रहे हैं। भविष्य के आयोजनों के लिए अब संचालन लागत और सुरक्षा योजना की शर्तें काफी बदल सकती हैं, जिसका सीधा असर इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री पर पड़ना तय है।
