तृणमूल कांग्रेस के नेता Abhishek Banerjee को कोलकाता पुलिस ने समन भेजा है। यह कार्रवाई Camac Street स्थित उनके दफ्तर पर हुए हिंसक हंगामे के बाद की गई है, जो कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन द्वारा एक अनधिकृत बिलबोर्ड हटाए जाने को लेकर शुरू हुआ था।
कोलकाता पुलिस ने डायमंड हार्बर से सांसद और TMC नेता Abhishek Banerjee को औपचारिक समन जारी करते हुए शेक्सपियर सरणी पुलिस स्टेशन में पेश होने के निर्देश दिए हैं। यह कानूनी कदम 27 अगस्त, 2026 को Camac Street स्थित पार्टी कार्यालय में हुई हिंसक झड़प के बाद उठाया गया है।
विवाद की जड़ क्या है?
विवाद तब शुरू हुआ जब कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की टीम पुलिस के साथ मिलकर वहां से एक 'अनधिकृत' बिलबोर्ड हटाने पहुंची। वहां मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों ने इसका कड़ा विरोध किया, जिसके बाद मामला हिंसक हो गया और पुलिस को परिसर के भीतर कार्रवाई करनी पड़ी।
कानूनी शिकंजा और गिरफ्तारियां
इस घटना के बाद पुलिस ने कुल 3 FIR दर्ज की हैं। इनमें से 2 मामलों में Abhishek Banerjee को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने TMC के राज्यसभा सांसद Derek O'Brien को भी नोटिस भेजा है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और इस पूरे मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
संपत्ति का कानूनी पेच
इस मामले में एक नया मोड़ तब आया जब संपत्ति के असली मालिक ने भी Camac Street परिसर पर कब्जे को लेकर कानूनी नोटिस भेज दिया है। अब यह मामला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सिविल लिटिगेशन (Civil Litigation) में भी उलझ गया है। पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक निकायों और राजनीतिक दलों के बीच चल रही यह खींचतान स्थानीय स्तर पर शासन की स्थिरता और रेगुलेटरी माहौल पर सवाल खड़े कर रही है।
