Kolkata में प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए 919 होटलों और गेस्ट हाउसों को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। ऑडिट में इन होटलों में फायर सेफ्टी नियमों का गंभीर उल्लंघन पाया गया है, जो हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
भारी पैमाने पर लापरवाही का खुलासा
यह कार्रवाई 19 अगस्त, 2026 को Shikha Inn में हुई एक दुखद अग्निकांड के बाद शुरू की गई थी, जिसमें 9 लोगों की जान चली गई थी। कोलकाता म्युनिसिपल कॉरपोरेशन, फायर सर्विस विभाग और स्थानीय पुलिस द्वारा कुल 960 प्रतिष्ठानों का ऑडिट किया गया था, जिसमें से केवल 41 होटल ही सुरक्षा मानकों पर खरे उतरे। यानी करीब 95% से ज्यादा होटल बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के चल रहे थे।
कारोबार पर क्या होगा असर?
बंद किए गए सभी होटलों को तब तक अपना कामकाज शुरू करने की अनुमति नहीं मिलेगी, जब तक कि वे अनिवार्य फायर सेफ्टी अपग्रेड पूरे नहीं कर लेते और वैध 'Renewal of Fire Safety Certificate' प्राप्त नहीं कर लेते। सरकार का इरादा शहर के बाकी बचे करीब 2,700 होटलों और गेस्ट हाउसों का भी निरीक्षण करने का है।
निवेश और बाजार पर असर
छोटे और असंगठित हॉस्पिटैलिटी कारोबारियों के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि उन्हें अपने पुराने ढांचों को आधुनिक मानकों के अनुरूप ढालने के लिए भारी-भरकम पूंजी खर्च करनी पड़ सकती है। यदि वे नियमों का पालन नहीं कर पाते हैं, तो उनके हमेशा के लिए बंद होने का खतरा है। दूसरी ओर, यह सख्ती संगठित और ब्रांडेड होटल चेन्स के लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि ग्राहक अब सुरक्षा को लेकर और अधिक जागरूक होंगे और सुरक्षित विकल्पों को प्राथमिकता देंगे।
