कोलकाता के न्यू टाउन में एक रिहायशी बिल्डिंग में शुक्रवार शाम को ज़बरदस्त धमाका हुआ। इस ब्लास्ट में एक व्यक्ति घायल हुआ है और बिल्डिंग को भी नुकसान पहुंचा है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) की टीम घटनास्थल का मुआयना कर रही है, जबकि पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
न्यू टाउन में धमाके से हड़कंप
कोलकाता के न्यू टाउन इलाके के दखिन नारायणपुर में शुक्रवार शाम को एक रिहायशी इमारत में एक देसी बम (crude bomb) में धमाका हो गया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हो गया और प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस औरCID की बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वाड (Bomb Disposal Squad) व स्पेशल टास्क फोर्स (Special Task Force) की टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी।
मुख्य संदिग्ध और हिरासत में लिए गए लोग
स्थानीय पुलिस जांच में पता चला है कि इस धमाके का मुख्य संदिग्ध Md Shamim है, जिसे सलीम के नाम से भी जाना जाता है। फिलहाल पुलिस उसे ढूंढ रही है। बिल्डिंग के मालिक, Zulfikar Ansari के मुताबिक, संदिग्ध एक ब्रोकर Shahenshah के जरिए कमरा किराए पर लेने आया था। पुलिस ने इस ब्रोकर समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि पता चल सके कि धमाका कैसे हुआ। जांच में यह भी सामने आया है कि धमाके से कुछ देर पहले संदिग्ध ने ग्राउंड फ्लोर के एक कमरे में एक बैग रखा था।
NIA की एंट्री और जांच
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इस धमाके का खुद संज्ञान लिया है और अपनी एक टीम को घटनास्थल पर भेजा है। एजेंसी वहां से सबूत इकट्ठा कर रही है और स्थानीय लोगों से बात करके धमाके की प्रकृति का अंदाजा लगा रही है। उम्मीद है कि NIA जल्द ही केंद्रीय गृह मंत्रालय को एक प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि NIA इस केस को राज्य की एजेंसियों से अपने हाथ में लेगी या नहीं।
घटनास्थल से मिले सबूत
CID और बॉम्ब डिस्पोजल टीमों ने प्रॉपर्टी की तलाशी के दौरान दो ज़िंदा देसी बम और कई अन्य बमों के अवशेष बरामद किए हैं। जांचकर्ताओं को घटनास्थल से कुछ ऐसे कच्चे माल भी मिले हैं, जिनके बारे में शक है कि उनका इस्तेमाल देसी विस्फोटक बनाने में होता था। जांच अभी जारी है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इन बरामद हुई चीज़ों पर खास ध्यान दे रही हैं ताकि विस्फोटकों के स्रोत और इस घटना के पीछे के मकसद का पता लगाया जा सके। आगे की कार्रवाई में CCTV फुटेज का विश्लेषण करना, मुख्य संदिग्ध को पकड़ना और NIA की शुरुआती जांच पूरी होने का इंतज़ार करना शामिल है, ताकि कानूनी कार्यवाही का दायरा तय किया जा सके।
