कोच्चि में एक ऐतिहासिक सिनेगॉग (Synagogue) के पास नर्सरी में आगजनी के बाद पुलिस ने 32 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। मामला अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के पास पहुंच गया है, जो इसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क और 'हैंडलर' के कनेक्शन की जांच कर रही है।
कोच्चि में सुरक्षा एजेंसियां एक गंभीर मामले की जांच में जुटी हैं। 32 वर्षीय एबिन बी. पॉल को ऐतिहासिक कदवुम्भागम सिनेगॉग (Kadavumbhagam Synagogue) के पास स्थित एक नर्सरी में आग लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 12 अक्टूबर, 2026 की सुबह हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, क्योंकि डिजिटल सबूत इशारा कर रहे हैं कि यह धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की एक सुनियोजित कोशिश थी।
NIA की एंट्री और 'हैंडलर' का रहस्य
स्थानीय पुलिस के बाद अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मामले को अपने हाथ में ले लिया है। आरोपी के फोन से मिली संदिग्ध डिजिटल बातचीत में 'बॉस' नामक किसी व्यक्ति का जिक्र है। एजेंसियां इस बात की गहराई से जांच कर रही हैं कि क्या यह अज्ञात व्यक्ति पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित कर रहा था और क्या भारत के अन्य शहरों में भी हमले की कोई योजना थी।
डिजिटल एविडेंस और क्रिप्टो का एंगल
फोरेंसिक टीमें इस मामले में फाइनेंशियल ट्रेल का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। जांच का एक अहम हिस्सा क्रिप्टो-करेंसी के जरिए भुगतान का एंगल है, जो विदेशी फंडिंग या किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोऑर्डिनेशन की ओर इशारा करता है। हालांकि, 14 अक्टूबर, 2026 तक अधिकारियों ने साफ किया है कि फिलहाल किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी के पक्के सबूत नहीं मिले हैं, लेकिन जांच जारी है।
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और साइबर फॉरेंसिक की मदद से आरोपी को पुथनकुरीश इलाके के एक किराए के मकान से पकड़ा। अधिकारियों का अब ध्यान मूवातुपुझा में हुई पुरानी घटनाओं पर भी है, ताकि यह समझा जा सके कि क्या यह आरोपी पहले भी ऐसी साजिशों में शामिल रहा है।
