कोआला पर बड़ा खतरा: 27°C तापमान बढ़ते ही बढ़ जाती है मौत की आशंका!

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AuthorNeha Patil|Published at:
कोआला पर बड़ा खतरा: 27°C तापमान बढ़ते ही बढ़ जाती है मौत की आशंका!
Overview

सिडनी यूनिवर्सिटी की एक नई रिसर्च के मुताबिक, जब तापमान लगातार 27°C से ऊपर रहता है, तो कोआला की जान पर बड़ा खतरा मंडराने लगता है। इस स्टडी में हजारों रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया गया है, जिससे पता चलता है कि जलवायु परिवर्तन (climate change) के कारण बढ़ता पर्यावरणीय तनाव कोआला की मौतों और अस्पताल में भर्ती होने की दर को गंभीर रूप से बढ़ा रहा है, खासकर न्यू साउथ वेल्स (New South Wales) में।

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कोआला पार कर रहे क्रिटिकल हीट थ्रेशोल्ड

बढ़ते तापमान से कोआला की शारीरिक क्षमताएं जवाब दे रही हैं। हालांकि, ये मार्सुपियल (marsupials) ऐतिहासिक रूप से मेटाबोलिक बदलावों और सूखे के दौरान किडनी फंक्शन के जरिए गर्मी से निपटते आए हैं, लेकिन वे मौजूदा जलवायु परिवर्तनों से तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। रिसर्च बताती है कि खतरा सिर्फ अत्यधिक गर्मी की लहरों से नहीं है, बल्कि उन लगातार अवधियों से है जब दैनिक अधिकतम तापमान 7 दिनों तक 27 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहता है।

गर्मी से कोआला का जोखिम नाटकीय रूप से बढ़ता है

11,000 से अधिक पशु चिकित्सा और वन्यजीव रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से तापमान और कोआला के जीवित रहने के बीच एक स्पष्ट संबंध सामने आया है। जब तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर चढ़ जाता है, तो कोआला के अस्पताल में भर्ती होने या मरने का खतरा 3.5 गुना बढ़ जाता है। यह डेटा बताता है कि जलवायु परिवर्तन की भविष्यवाणियां कोआला के आवासों की व्यवहार्यता (viability) को सीधे तौर पर प्रभावित करती हैं। गननेडा (Gunnedah) में कोआला आबादी में गिरावट एक बड़ा उदाहरण है कि कैसे थर्मल तनाव (thermal stress) पारिस्थितिक तंत्र को ठीक होने से रोक सकता है।

बीमारी से गर्मी का असर और बढ़ जाता है

कोआला की आबादी क्लैमाइडिया (chlamydiosis) जैसी बीमारियों से भी कमजोर हो रही है। बीमार जानवरों के पास गर्मी की घटनाओं के दौरान अपने शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए कम ऊर्जा होती है। भोजन खोजने के लिए कोआला को अधिक खुले इलाकों में जाने के लिए मजबूर होने के कारण यह स्थिति और खराब हो जाती है। बीमारी और जलवायु तनाव का यह संयोजन बताता है कि तापमान में छोटी सी वृद्धि भी मृत्यु दर में काफी वृद्धि कर सकती है।

संरक्षण के प्रयासों के सामने नई चुनौतियां

संरक्षणवादी (Conservationists) अब गर्मी की लहरों का अनुमान लगाने और उनसे निपटने के लिए विस्तृत तापमान मॉडल का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि, इन प्रयासों में बड़ी बाधाएं हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता जा रहा है, आंतरिक क्षेत्रों में कोआला आबादी की रक्षा के लिए आवश्यक लागत और प्रयास अस्थिर (unsustainable) हो सकते हैं। भविष्य की संरक्षण रणनीतियों में कोआला को ठंडे इलाकों में ले जाना या ऊंचाई वाले क्षेत्रों की रक्षा करना शामिल हो सकता है जो प्राकृतिक शरणस्थली के रूप में कार्य करते हैं, लेकिन इन दृष्टिकोणों का अभी तक तेजी से गर्म हो रही जलवायु के खिलाफ बड़े पैमाने पर परीक्षण नहीं किया गया है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.