ग्लोबल एडवाइजरी फर्म Keystone Strategy ने बेंगलुरु में अपना पहला भारतीय ऑफिस खोल दिया है। कंपनी का मुख्य फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्ट्रेटजी, कॉम्पीटीशन लॉ और इकोनॉमिक एनालिसिस पर रहेगा।
ग्लोबल एडवाइजरी फर्म Keystone Strategy ने भारत में अपनी आधिकारिक एंट्री कर ली है। बेंगलुरु में अपना नया रीजनल हेडक्वार्टर स्थापित करके कंपनी अब अपनी ग्लोबल ऑपरेशन्स का विस्तार कर रही है, जो पहले से ही अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया तक फैले हुए हैं। कंपनी की योजना अगले 18 महीनों में अपनी स्थानीय वर्कफोर्स को 3 गुना करने की है, जिसमें मुख्य रूप से डेटा साइंस और इंजीनियरिंग के एक्सपर्ट्स को भर्ती किया जाएगा।
टेक्नोलॉजी और इकोनॉमिक्स पर फोकस
Keystone Strategy को इकोनॉमिक एनालिसिस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स और एंटीट्रस्ट लिटिगेशन जैसे हाई-स्टेक मामलों में विशेषज्ञता हासिल है। बेंगलुरु हब का मुख्य उद्देश्य मल्टीनेशनल कॉर्पोरेट्स और भारतीय कंपनियों को AI की जिम्मेदारीपूर्वक तैनाती और गवर्नेंस पर सलाह देना होगा। जैसे-जैसे भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रेगुलेटरी फ्रेमवर्क बदल रहा है, कंपनी का फोकस डिजिटल राइट्स और कॉम्पीटीशन लॉ से जुड़े पेचीदा मुद्दों को सुलझाने पर होगा।
टैलेंट पूल और मुकाबला
बेंगलुरु को चुनने के पीछे कंपनी का मकसद Indian Institute of Science (IISc) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के करीब रहना है। हालांकि, यह राह आसान नहीं होगी। कंपनी को भारत के हाई-वैल्यू कंसल्टिंग मार्केट में पहले से मौजूद दिग्गजों और Big 4 अकाउंटिंग फर्म्स से सीधे मुकाबले का सामना करना पड़ेगा, जिनके पास पहले से ही काफी बड़ा फुटप्रिंट है।
कंसल्टिंग सेक्टर पर असर
Keystone का यह कदम दिखाता है कि ग्लोबल प्रोफेशनल सर्विसेज फर्म अब बैक-ऑफिस सपोर्ट से आगे बढ़कर हाई-वैल्यू स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी की ओर रुख कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कंपनी की आक्रामक भर्ती की योजना भारत में स्पेशलाइज्ड AI और इकोनॉमिक कंसल्टिंग की बढ़ती मांग को दर्शाती है। बाजार की नजर अब इस पर होगी कि यह फर्म कितने बड़े और महत्वपूर्ण मैंडेट्स हासिल करने में सफल रहती है।
