Kerala Liquor Policy: नवंबर के अंत तक आएगी नई आबकारी नीति, निवेशकों की नजर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Kerala Liquor Policy: नवंबर के अंत तक आएगी नई आबकारी नीति, निवेशकों की नजर

केरल सरकार जल्द ही अपनी नई शराब नीति (Liquor Policy) पेश करने की तैयारी में है। आबकारी मंत्री M Liju ने पुष्टि की है कि नवंबर के अंत तक पुराने नियमों को बदलकर एक नया फ्रेमवर्क लागू किया जाएगा, जो रिटेल सेल और लाइसेंसिंग से जुड़े भ्रम को दूर करने में मदद करेगा।

केरल सरकार अपनी शराब नीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है, जिसका औपचारिक ऐलान नवंबर 2026 के अंत तक होने की उम्मीद है। आबकारी मंत्री M Liju ने स्पष्ट किया है कि प्रशासनिक समीक्षा अब अंतिम दौर में है, जिसमें लेबर यूनियन और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य पुरानी LDF सरकार के दिशा-निर्देशों को हटाकर रिटेल और लाइसेंसिंग सिस्टम को सुव्यवस्थित करना है।

क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत?

यह कदम 'हॉर्टी वाइन' (फल-आधारित शराब) की बिक्री को लेकर हाल ही में हुए विवादों के बाद उठाया गया है। 2024 की शुरुआत में नियमों में ढील देते हुए बेकरी और शॉपिंग सेंटर्स को इसकी बिक्री की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसके क्रियान्वयन में तकनीकी खामियां सामने आईं। एक प्रमुख घटना में, चालकुडी (Chalakudy) स्थित एक बेकरी का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया गया, जबकि उन्होंने पहले ही सभी फीस जमा कर दी थी। इस घटना के बाद आबकारी उप आयुक्त C K Anilkumar का तबादला कर दिया गया है, जो प्रशासनिक सख्ती का संकेत है।

निवेशकों के लिए क्यों है अहम?

केरल का शराब कारोबार काफी हद तक सरकारी नियंत्रण में है, जिसे मुख्य रूप से Kerala State Beverages Corporation (BEVCO) संचालित करती है। राज्य के सख्त डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल को देखते हुए, लाइसेंसिंग और रिटेल परमिट में किसी भी तरह का बदलाव कंपनियों के कामकाज और उनके विस्तार की योजनाओं को सीधा प्रभावित करता है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि नई नीति में फल-आधारित उत्पादों की बिक्री को लेकर कितनी स्पष्टता दी जाती है, ताकि रेगुलेटरी उलझनों को कम किया जा सके।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.