Construction Cost: केरल में बढ़ते दामों पर लगाम लगाने की कोशिश, तमिलनाडु से मंगाएगा निर्माण सामग्री

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Construction Cost: केरल में बढ़ते दामों पर लगाम लगाने की कोशिश, तमिलनाडु से मंगाएगा निर्माण सामग्री

केरल सरकार निर्माण सामग्री की भारी कमी को दूर करने के लिए तमिलनाडु के साथ बातचीत कर रही है। आपूर्ति में कमी के कारण निर्माण सामग्री की कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं, जिसका सीधा असर घर बनाने के खर्च और नेशनल हाईवे 66 (National Highway 66) जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर पड़ रहा है।

केरल सरकार राज्य में निर्माण सामग्री (Construction materials) की गंभीर किल्लत से निपटने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने विधानसभा में पुष्टि की है कि राज्य सरकार तमिलनाडु के साथ बातचीत कर रही है, ताकि अक्टूबर 2026 के अंत तक रफ स्टोन, एम-सैंड और एग्रीगेट्स की आपूर्ति को सुचारू बनाया जा सके।

महंगाई का असर (Impact on Costs)

इस आपूर्ति संकट ने कंस्ट्रक्शन सेक्टर की कमर तोड़ दी है। निर्माण सामग्री की एक गाड़ी की कीमत जो पहले लगभग ₹2,500 हुआ करती थी, अब बढ़कर ₹6,000 से ₹9,000 के बीच पहुंच गई है। इसका सीधा असर आम आदमी पर पड़ा है; 400 स्क्वायर फीट का घर बनाने का खर्च अब ₹8 लाख के पार हो गया है, जो दो साल पहले महज ₹5 लाख था।

इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर खतरा

सिर्फ व्यक्तिगत घर ही नहीं, बल्कि नेशनल हाईवे 66 (NH 66) जैसे महत्वपूर्ण सरकारी प्रोजेक्ट्स की गति भी धीमी पड़ गई है। निर्माण सामग्री की कमी के कारण प्रोजेक्ट्स में देरी हो रही है, जिससे ठेकेदारों के मार्जिन पर दबाव बढ़ रहा है और प्रोजेक्ट की कुल लागत (Cost overrun) भी बढ़ सकती है।

भविष्य की रणनीति

उद्योग मंत्री पी.के. कुन्हालीकुट्टी ने स्पष्ट किया है कि सरकार स्थानीय स्तर पर नियमों का पालन करने वाली खदानों (Quarries) को फिर से शुरू करने के लिए काम कर रही है। साथ ही, राज्य भविष्य में ऐसी निर्भरता कम करने के लिए वैकल्पिक निर्माण सामग्री और रिसाइक्लिंग पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। निवेशकों और सेक्टर पर नजर रखने वालों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण 'मॉनिटरेबल' अक्टूबर के अंत में तमिलनाडु से होने वाली आपूर्ति की बहाली है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.