Mullaperiyar Dam: केरल सरकार की बड़ी मांग, 130 साल पुराने बांध की सुरक्षा पर सख्त जांच का दबाव

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Mullaperiyar Dam: केरल सरकार की बड़ी मांग, 130 साल पुराने बांध की सुरक्षा पर सख्त जांच का दबाव

केरल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक्सपर्ट पैनल से Mullaperiyar Dam की गहन सुरक्षा जांच की मांग की है। पूर्व NHPC CMD बलराज जोशी के नेतृत्व में होने वाली यह समीक्षा बांध की मजबूती और स्थिरता से जुड़ी दशकों पुरानी चिंताओं को दूर करने के लिए अहम कदम है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्वतंत्र समिति ने 130 साल पुराने Mullaperiyar Dam की औपचारिक सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। पूर्व नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (NHPC) के CMD बलराज जोशी के नेतृत्व में यह कमेटी सितंबर 2026 की शुरुआत से बांध की मौजूदा स्थिति का बारीकी से मूल्यांकन कर रही है।

सुरक्षा मानकों पर जोर

केरल सरकार ने आग्रह किया है कि पैनल अगस्त 2025 में तय की गई शर्तों का सख्ती से पालन करे। राज्य के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में फ्लड रिस्क मैनेजमेंट, भूकंपीय स्थिरता (seismic stability) और बांध के मुख्य, बेबी और मिट्टी वाले हिस्सों की स्ट्रक्चरल हेल्थ पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, बांध की आंतरिक स्थिरता को आधुनिक पर्यावरणीय दबावों के खिलाफ परखने के लिए ताजे मटेरियल सैंपल लेने की भी मांग की गई है।

दशकों पुराना विवाद

यह निरीक्षण इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि Mullaperiyar Dam लंबे समय से केरल और तमिलनाडु के बीच विवाद का केंद्र रहा है। जहां केरल का तर्क है कि बांध की अधिक उम्र नीचे बसे इलाकों के लिए खतरा है, वहीं तमिलनाडु इसकी संरचनात्मक व्यवहार्यता और जल आपूर्ति की जरूरत पर जोर देता रहा है।

आगे क्या होगा?

विशेषज्ञ पैनल अपनी रिपोर्ट 10 से 15 दिनों के भीतर नेशनल डैम सेफ्टी अथॉरिटी (NDSA) को सौंपेगा। इस रिपोर्ट के निष्कर्ष ही बांध के भविष्य के संचालन और सुरक्षा प्रोटोकॉल की दिशा तय करेंगे। फिलहाल, यह एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट है और इस पर किसी भी तरह का कोई स्टॉक मार्केट असर नहीं है, लेकिन नीति-निर्माताओं के लिए यह रिपोर्ट एक बड़ा आधार साबित होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.