केरल पुलिस का नशा विरोधी अभियान 'Operation Toofan' अब और व्यापक हो गया है। अब पुलिस की नजरें अफगानिस्तान, ओमान और थाईलैंड से जुड़े ड्रग सिंडिकेट्स को उखाड़ फेंकने पर टिकी हैं। जून 2026 में शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक **10,000** से ज्यादा गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं।
केरल पुलिस ने अपने नशा विरोधी अभियान 'Operation Toofan' को और अधिक आक्रामक बना दिया है। राज्य अधिकारियों के अनुसार, अब जांच का दायरा बढ़ाकर उन अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को खंगाला जा रहा है, जिनकी जड़ें अफगानिस्तान, ओमान और थाईलैंड में फैली हुई हैं। सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी पर लगाम लगाने के लिए केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर बड़े ऑपरेटर्स की पहचान की जा रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई
जून 2, 2026 को शुरू हुए इस अभियान में NDPS एक्ट के तहत तेजी से कानूनी कार्रवाई की गई है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, पुलिस ने अवैध नशीले पदार्थों की कमर्शियल मात्रा से जुड़े 165 मामले और मध्यम मात्रा वाले 395 मामले दर्ज किए हैं। अब तक कुल 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसमें छोटे पेडलर्स से लेकर ड्रग नेटवर्क को फंडिंग करने वाले बड़े चेहरे तक शामिल हैं।
रिहैबिलिटेशन और जन-भागीदारी पर जोर
सिर्फ सख्ती ही नहीं, सरकार ने इसे सामाजिक दिशा भी दी है। 'Toofan Warriors' प्रोग्राम के तहत अब आम नागरिक सीधे पुलिस को जानकारी दे सकेंगे। वहीं, 'Toofan Care' के जरिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के साथ मिलकर जिला स्तर पर नशामुक्ति और काउंसलिंग सेंटर्स बनाए जा रहे हैं।
राजनीतिक विवादों से इनकार
अभियान के दौरान कुछ राजनीतिक दलों के युवा कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल भी देखने को मिली है। हालांकि, राज्य के गृह मंत्रालय ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ किया है कि यह मुहिम पूरी तरह निष्पक्ष है और इसका एकमात्र मकसद राज्य के युवाओं को ड्रग्स के जाल से बचाना है।
जरूरी नोट: 'Operation Toofan' एक सरकारी कानून व्यवस्था और जन-सुरक्षा पहल है। यह कोई व्यवसाय या शेयर बाजार में सूचीबद्ध (Listed) कंपनी नहीं है, जिसका वित्तीय बाजार से कोई संबंध हो।
