केरल में भारी बारिश का कहर: 8 की मौत, 5700 से ज़्यादा लोग बेघर

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
केरल में भारी बारिश का कहर: 8 की मौत, 5700 से ज़्यादा लोग बेघर

केरल में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक **8** लोगों की जान जा चुकी है और **5,700** से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बने **209** राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

जान-माल का भारी नुकसान

राज्य भर में मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और जलभराव के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 8 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। कुल 13 लोग घायल हुए हैं। प्रशासन ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 5,700 से अधिक लोगों को 209 राहत शिविरों में स्थानांतरित कर दिया है, जबकि सफाई और बहाली का काम शुरू हो गया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी मार

बारिश के कारण घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। 27 घर पूरी तरह से तबाह हो गए हैं, जबकि 196 घरों को आंशिक क्षति पहुंची है। टूटी हुई सड़कों और जलभराव के कारण कई इलाकों में यातायात बाधित है, और इन सड़कों की मरम्मत का काम जारी है। अलप्पुझा के कुट्टनाड और पथानामथिट्टा के रानी जैसे निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। पथानामथिट्टा जिला विशेष रूप से प्रभावित है, जहां 25 गांवों में घरों को नुकसान की खबर है। नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) और स्थानीय दमकल विभाग की टीमें भी बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं, खासकर अरणमुला क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए।

मौसम अलर्ट और बांधों पर पैनी नजर

हालांकि बारिश की तीव्रता कम हुई है, लेकिन भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अगस्त तक 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 2 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। 6 अगस्त तक भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। कई बांधों के शटर पानी का स्तर कम होने पर बंद कर दिए गए थे, लेकिन इडुक्की, पथानामथिट्टा और त्रिशूर जिलों के बिजली उत्पादन वाले कई बांधों पर अभी भी रेड अलर्ट है। यह स्थिति पानी के स्तर पर लगातार निगरानी रखने की आवश्यकता को दर्शाती है ताकि अचानक पानी छोड़ने से बाढ़ का खतरा न बढ़े।

समुद्री इलाकों में भी खतरा

इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशन इंफॉर्मेशन सर्विसेज (INCOIS) ने उत्तरी केरल तट पर बड़ी लहरों की आशंका जताते हुए स्थानीय निवासियों को आगाह किया है। इसके चलते, सरकार ने केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगा दी है, क्योंकि तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है। निवेशकों और स्थानीय लोगों को फ्लैश फ्लड की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए, जो अल्पावधि के लिए प्रभावी हैं। सरकार के अगले चरण में क्षतिग्रस्त इंफ्रास्ट्रक्चर का आकलन और जान-माल का नुकसान झेलने वाले परिवारों को वित्तीय सहायता का वितरण शामिल होगा। शेष मानसून अवधि के दौरान इन बहाली प्रयासों की प्रभावशीलता और इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिरता पर अपडेट्स महत्वपूर्ण होंगे।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.