Kerala High Court ने Vizhinjam seaport के पुलिनकुडी इलाके में चल रहे निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट ने इसके पीछे पर्यावरण मंजूरी (Environmental Clearances) न होने का हवाला दिया है।
केरल हाई कोर्ट ने विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट (Vizhinjam International Seaport) के दक्षिणी हिस्से में स्थित पुलिनकुडी बीच पर निर्माण गतिविधियों को तुरंत प्रभाव से रोकने का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार वी.एम. की बेंच ने यह फैसला एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सुनाया। कोर्ट ने पाया कि विझिंजम इंटरनेशनल सीपोर्ट लिमिटेड (VISL) और अदानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (AVPPL) इस इलाके में काम करने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से जरूरी मंजूरी नहीं ले पाए हैं।
क्या है कानूनी पेंच?
यह विवाद तब सामने आया जब केरल कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (Kerala Coastal Zone Management Authority) ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर साफ किया कि पुलिनकुडी बीच पर चल रहा काम ओरिजिनल मास्टर प्लान का हिस्सा नहीं था। सरकारी मंजूरियों के अभाव में अब प्रोजेक्ट की गति धीमी हो सकती है। इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस तरह की कानूनी रुकावटों से प्रोजेक्ट की लागत (Cost) बढ़ सकती है और काम पूरा होने की डेडलाइन भी प्रभावित हो सकती है।
आगे क्या होगा?
कोर्ट ने अब केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय, प्रोजेक्ट अथॉरिटीज और याचिकाकर्ता के साथ एक संयुक्त निरीक्षण (Joint Inspection) का आदेश दिया है। मंत्रालय को यह स्पष्ट करना होगा कि क्या इस विशेष इलाके के लिए कानूनी अनुमति ली गई थी या नहीं। इस वेरिफिकेशन प्रक्रिया के पूरा होने तक काम बंद रहेगा।
निवेशकों की नजरें अब 25 नवंबर, 2026 को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं। चूंकि यह सीपोर्ट अदानी ग्रुप के पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए मार्केट पार्टिसिपेंट्स यह देख रहे हैं कि क्या कंपनी जल्द ही इन मंजूरियों को हासिल कर काम दोबारा शुरू कर पाएगी या नहीं।
