Kerala Crime Branch ने राज्य के Public Service Commission (PSC) में हो रही धांधली को लेकर अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। एग्जाम में नकल और प्रक्रियागत खामियों के आरोपों के बाद अब जांच की आंच सीधे उच्च अधिकारियों तक पहुंच गई है।
भर्ती प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
जांच की शुरुआत 'Assistant Motor Vehicle Inspector' परीक्षा से हुई, जहां 45 सवाल सीधे ऑनलाइन स्टडी मटेरियल से कॉपी किए गए थे। इस घटना ने आयोग की प्रश्न-पत्र बनाने की प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर कितनी परीक्षाओं में इस तरह की धांधली हुई है।
नेपोटिज्म और टेक्निकल फेलियर
मामला केवल नकल तक सीमित नहीं है, बल्कि 'Fisheries Department' में नियुक्तियों में गड़बड़ी और 'Kerala University of Fisheries and Ocean Studies' से जुड़े उम्मीदवारों को फायदा पहुंचाने के गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। इसे देखते हुए क्राइम ब्रांच ने PSC चेयरमैन और कई सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
इसके अलावा, 'State Planning Board' की भर्ती में तकनीकी खामी ने उम्मीदवारों की धड़कनें बढ़ा दीं। 'On-Screen Marking' सिस्टम में गड़बड़ी के कारण इकोनॉमिक्स के 58 अंकों के सवाल चेक ही नहीं हुए। इसके बाद हुए री-वैल्यूएशन (Revaluation) से पूरी मेरिट लिस्ट ही बदल गई, जिससे आयोग की विश्वसनीयता पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। साथ ही 'Khadi Board' और 'Village Oil Inspector' के पदों पर भी अनियमितताओं की जांच तेज कर दी गई है।
