E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का 'नेशनल टाउन हॉल' आज, क्या बदलेगी सरकार की पॉलिसी?

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AuthorNeha Patil|Published at:
E20 पेट्रोल पर केजरीवाल का 'नेशनल टाउन हॉल' आज, क्या बदलेगी सरकार की पॉलिसी?

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल आज यानी 1 अगस्त को E20 पेट्रोल के खिलाफ एक 'नेशनल टाउन हॉल' का आयोजन कर रहे हैं। इस मीटिंग का मुख्य मकसद जनता की राय को एकजुट करना और केंद्र सरकार पर दबाव बनाना है ताकि E20 फ्यूल (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) को अनिवार्य की जगह वैकल्पिक बनाया जा सके। पार्टी का दावा है कि इस मांग के समर्थन में ऑनलाइन याचिका पर लगभग 2 लाख हस्ताक्षर पहले ही आ चुके हैं।

Detailed Coverage

E20 पेट्रोल पर AAP का विरोध

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 1 अगस्त को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में 'नेशनल टाउन हॉल अगेंस्ट E20' का ऐलान किया है। इस कार्यक्रम का सीधा एजेंडा जनता की राय को सरकार तक पहुंचाना है। AAP की मांग है कि सरकार E20 पेट्रोल को ग्राहकों के लिए एक अनिवार्य मानक बनाने के बजाय, इसे एक वैकल्पिक ईंधन का दर्जा दे।

ऑनलाइन याचिका और PMO को ज्ञापन

केजरीवाल का कहना है कि E20 को वैकल्पिक ईंधन बनाने की मांग वाली AAP की ऑनलाइन याचिका पर पहले ही करीब 2 लाख लोगों के हस्ताक्षर आ चुके हैं। टाउन हॉल के बाद इन हस्ताक्षरों को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को सौंपा जाएगा। केजरीवाल ने जुलाई में भी इस मामले पर सरकार से मिलने का समय मांगा था, जिसमें E20 पेट्रोल के लागू होने और उसकी कीमतों पर चर्चा की जानी थी।

तेल कंपनियों और इथेनॉल सेक्टर पर असर

भारत की एनर्जी ट्रांजिशन पॉलिसी में E20 का अनिवार्य मिश्रण एक अहम हिस्सा है। इसका सीधा असर ऑयल मार्केटिंग कंपनीज़ (OMCs) और इथेनॉल सप्लाई चेन से जुड़ी कंपनियों पर पड़ता है। इनमें चीनी और अनाज-आधारित डिस्टिलरीज़ (distilleries) शामिल हैं। सरकार के इस कदम से इन कंपनियों की क्षमता विस्तार योजनाओं को सरकारी टारगेट्स का सहारा मिलता रहा है।

नीतिगत अनिश्चितता और निवेशक

E20 के लागू होने पर चल रही बहस भारत के बायोफ्यूल रोडमैप में मौजूद रेगुलेटरी रिस्क (regulatory risks) को उजागर करती है। इथेनॉल उत्पादन सप्लाई चेन में लगी कंपनियां, जिनमें बड़ी शुगर और डिस्टिलरी फर्म्स शामिल हैं, अपनी क्षमता बढ़ाने की योजनाएं बना रही हैं। ऐसे में, निवेशकों को इथेनॉल उत्पादकों की मांग के अनुमानों में बदलाव लाने वाली किसी भी महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव या मूल्य निर्धारण संरचना पर नजर रखनी चाहिए। इस टाउन हॉल का अंतिम प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि यह जन विरोध सरकारी नीतियों में कोई ठोस बदलाव लाता है या नहीं।

राजनीतिक बयानबाजी

E20 विरोध के साथ-साथ, केजरीवाल ने पंजाब में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर लगे आरोपों पर भी सफाई दी और पेपर लीक की खबरों को खारिज किया। उन्होंने इन आरोपों को भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा एक बड़े राजनीतिक विवाद के तहत लगाया गया कदम बताया। वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने इन दावों का खंडन करते हुए पंजाब फार्मासिस्ट परीक्षा और छात्र विरोध प्रदर्शनों का जिक्र किया है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.