Kashi Nath Memani: EY India को फर्श से अर्श तक ले जाने वाले दिग्गज का **88** की उम्र में निधन

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AuthorAditya Rao|Published at:
Kashi Nath Memani: EY India को फर्श से अर्श तक ले जाने वाले दिग्गज का **88** की उम्र में निधन

EY India के पूर्व चेयरमैन Kashi Nath Memani का **88** साल की उम्र में निधन हो गया है। उन्होंने ही साल **2002** में Arthur Andersen के साथ ऐतिहासिक मर्जर को लीड किया था।

ऑडिट और प्रोफेशनल सर्विसेज सेक्टर के दिग्गज और EY India के पूर्व चेयरमैन Kashi Nath Memani का 8 अक्टूबर 2026 को 88 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पांच दशकों से भी लंबे समय तक भारतीय ऑडिट जगत का एक बड़ा चेहरा रहे।

कंपनी के विकास में अहम भूमिका

Memani 1959 में इस फर्म (तब S. R. Batliboi & Co.) से जुड़े थे। उनकी दूरदर्शिता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1970 में उन्होंने फर्म का मुख्यालय कोलकाता से दिल्ली शिफ्ट करने का बड़ा फैसला लिया। इस कदम ने कंपनी को देश की राजधानी की पॉवर पॉलिटिक्स और इंडस्ट्रियल हब के करीब ला खड़ा किया, जिसका बड़ा फायदा बाद में भारत के आईटी सेक्टर के उछाल के दौरान मिला।

मर्जर और विरासत

साल 1996 में चेयरमैन का पद संभालने के बाद उन्होंने फर्म को तेजी से कंसोलिडेट किया। उनका सबसे बड़ा दांव साल 2002 में चला गया, जब उन्होंने Arthur Andersen के इंडियन बिजनेस का मर्जर EY के साथ किया। 2004 में उनके पद छोड़ने के बाद, उनके बेटे Rajiv Memani ने कमान संभाली।

हालिया चुनौतियां और कंपनी का स्टेटस

पिछले कुछ सालों में फर्म को वर्क कल्चर को लेकर विवादों का भी सामना करना पड़ा है। 2024 में एक कर्मचारी की दुखद मौत के बाद उठे सवालों ने ऑडिट इंडस्ट्री में वर्क-लाइफ बैलेंस और प्रोफेशनल अकाउंटेबिलिटी पर बड़ी बहस छेड़ दी थी।

निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि EY India एक प्राइवेट संस्था है। यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसके शेयर पब्लिकली ट्रेड नहीं होते हैं और न ही इसे लिस्टेड कंपनियों जैसे रेगुलेटरी फाइलिंग के नियम मानने पड़ते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.