बेंगलुरु पुलिस सीएम Siddaramaiah के खिलाफ कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच कर रही है। अब इस केस की तारें केंद्रीय मंत्री HD Kumaraswamy के दफ्तर से जुड़ती दिख रही हैं, जिससे कर्नाटक की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
इस पूरे मामले ने अब दिल्ली का रुख कर लिया है। बेंगलुरु पुलिस के अनुसार, इस स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन दिल्ली के करोल बाग इलाके से खरीदा गया था। पुलिस का दावा है कि इसे कुशक रोड स्थित केंद्रीय मंत्री HD Kumaraswamy के आधिकारिक आवास पर सौंपा गया था।
जांच में गिरफ्तार संदिग्ध रितेश पांडे ने मंत्री की सोशल मीडिया टीम के सदस्य प्रज्वल प्रसाद का नाम लिया है। पुलिस अब इस मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच कर रही है ताकि साल 2026 के अंत में वायरल हुए इस विवादास्पद वीडियो के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पता लगाया जा सके।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस वीडियो को एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश बताया है और पहले ही इसके प्रसार पर रोक लगाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री HD Kumaraswamy ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को पूरी तरह से राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया है।
कर्नाटक की राजनीति में चल रही यह खींचतान प्रशासनिक कामकाज और नीतियों पर असर डाल सकती है, जिस पर राज्य में निवेश करने वाले लोगों की पैनी नजर है। फिलहाल, किसी सूचीबद्ध (listed) कंपनी पर इसका सीधा असर नहीं है, लेकिन राज्य में शासन की स्थिरता के लिहाज से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है। भविष्य में इस मामले की कानूनी प्रक्रिया और इसमें होने वाली पूछताछ पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
