Karnataka Railway Food Outlets पर एक्शन: एक्सपायर्ड सामान और बैन रंग मिले, केस दर्ज

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Karnataka Railway Food Outlets पर एक्शन: एक्सपायर्ड सामान और बैन रंग मिले, केस दर्ज

कर्नाटक में रेलवे स्टेशनों पर बिकने वाले खाने की क्वालिटी पर बड़ा सवाल! फूड सेफ्टी अफसरों ने 36 स्टेशनों पर 112 जगहों का इंस्पेक्शन किया, जहां बैन फूड कलर और एक्सपायर्ड डेयरी प्रोडक्ट्स मिले। नियमों का उल्लंघन करने वाले वेंडर्स पर लीगल एक्शन लिया जा रहा है।

खाने की क्वालिटी पर बड़ी कार्रवाई

कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने राज्य भर के 36 रेलवे स्टेशनों पर एक बड़ा इंस्पेक्शन ड्राइव चलाया है। इस ड्राइव के तहत, कुल 112 फूड एस्टैब्लिशमेंट्स, जिनमें प्लेटफॉर्म स्टॉल्स, कैंटीन और रेलवे परिसर के अंदर मौजूद छोटी-मोटी दुकानें शामिल थीं, उनकी जांच की गई। इस जांच में खाने की सुरक्षा और हाइजीन को लेकर कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।

क्या-क्या मिला?

जांच के दौरान कई ऐसी चीजें मिलीं जो यात्रियों की सेहत के लिए खतरा बन सकती हैं। अफसरों को कई जगहों पर नॉन-परमिटेड फूड कलर का इस्तेमाल मिला। उदाहरण के तौर पर, जलेबी में पीला रंग और खोया पेड़ा में गुलाबी रंग का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसके अलावा, एक्सपायर्ड डेयरी प्रोडक्ट्स, जैसे कि दूध और दही के पैकेट भी बिक्री के लिए रखे मिले। कुछ जगहों पर खाने की तैयारी के लिए अनुपयुक्त प्लास्टिक मटेरियल का इस्तेमाल और सब्जियों (जैसे प्याज़) पर फंगल ग्रोथ भी पाई गई, जो खराब स्टोरेज प्रैक्टिस की ओर इशारा करती है।

हालांकि, वंदे भारत ट्रेनों की पैंट्री सर्विसेस को साफ-सुथरा पाया गया, लेकिन उन पर परोसे जाने वाले खाने की भी जांच की जा रही है। अफसरों को शक है कि इन मील्स में भी प्रतिबंधित रंगों का इस्तेमाल हो सकता है। इस बारे में रेलवे अथॉरिटीज को जानकारी दी जाएगी।

आगे क्या होगा?

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने जिन भी वेंडर्स के खिलाफ गड़बड़ियां पाई हैं, उन पर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पब्लिक ट्रांसपोर्ट हब में काम करने वाले वेंडर्स के लिए एक बड़ा सबक है। लगातार हाइजीन के मुद्दे सामने आने पर उनके कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल हो सकते हैं, भारी जुर्माना लग सकता है और उन्हें परमानेंटली ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है। पैसेंजर्स के लिए, यह घटना हाई-ट्रैफिक एरिया में थर्ड-पार्टी कॉन्ट्रैक्टर्स द्वारा बेचे जाने वाले खाने की क्वालिटी की निगरानी में लगातार आने वाली चुनौतियों को दर्शाती है।

अगला कदम यह होगा कि कानूनी नोटिस जारी किए जाएंगे और इन स्टेशनों पर सभी फूड स्टॉल्स के लिए अनिवार्य कंप्लायंस ऑडिट लागू किया जाएगा। इंडस्ट्री के जानकार इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या यह ड्राइव राज्य के अन्य ट्रांजिट हब में भी इसी तरह के सरप्राइज चेक का एक बड़ा और फ्रिक्वेंट सिस्टम शुरू करने की ओर ले जाती है, जिससे वेंडर्स को क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में ज्यादा निवेश करना पड़ेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.