रविवार को कर्नाटक पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। कई सेंटर्स पर परीक्षा सामग्री में गड़बड़ी और पेपर बंटने में देरी की खबरों के चलते सैकड़ों परीक्षार्थियों ने एग्जाम का बहिष्कार कर दिया। इस घटना ने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है और प्रभावित जगहों पर दोबारा परीक्षा कराने की मांग उठ रही है।
परीक्षा में क्या हुआ?
कर्नाटक में पुलिस कॉन्स्टेबल के 3,991 पदों के लिए हो रही भर्ती परीक्षा रविवार को हंगामे की भेंट चढ़ गई। विजयपुरा जिले के टिकोटा सेंटर पर सैकड़ों उम्मीदवार परीक्षा शुरू होने से पहले ही भड़क गए। आरोप है कि परीक्षा सामग्री (Question Papers) सुबह 10:30 बजे की जगह करीब 30 मिनट की देरी से बांटी गईं।
हालात तब और बिगड़ गए जब कई परीक्षार्थियों ने पाया कि उन्हें मिले क्वेश्चन पेपर और OMR शीट का मिलान नहीं हो रहा था। कुछ उम्मीदवारों का तो यह भी कहना था कि उन्हें परीक्षा के अधूरे दस्तावेज मिले, जिससे वे निर्धारित समय में परीक्षा पूरी ही नहीं कर पाए।
इन दिक्कतों के चलते कुछ उम्मीदवार अपने पेपर लेकर परीक्षा हॉल से बाहर आ गए, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें बाकी की परीक्षा के लिए वापस नहीं जाने दिया। हालांकि, राज्य के 800 से ज्यादा सेंटर्स पर करीब 4.54 लाख उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से हुई, लेकिन टिकोटा सेंटर का मामला तूल पकड़ गया।
अधिकारियों का एक्शन और आगे क्या?
मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर के. आनंद और एसपी लक्ष्मण निम्बारगी खुद टिकोटा परीक्षा सेंटर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और भीड़ को संभाला। प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों का कहना है कि यह उनका भर्ती परीक्षा में आखिरी मौका था और वे प्रभावित सेंटर पर परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल, अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि इस गड़बड़ी का असर नतीजों पर कितना पड़ेगा। यह देखना अहम होगा कि क्या सरकार दोबारा परीक्षा कराने का ऐलान करती है या फिर प्रशासनिक खामियों की जांच बैठाती है। प्रभावित उम्मीदवारों के लिए कोई भी आधिकारिक सूचना अगले बड़े अपडेट में सामने आएगी।
