कर्नाटक सरकार ने पूरे राज्य में 'भारत जोड़ो युवा संघ' क्लब स्थापित करने के लिए ₹1,010 करोड़ की एक नई पहल को मंजूरी दे दी है। यह योजना ग्राम पंचायतों और शहरी क्षेत्रों में युवाओं को खेल और नेतृत्व कौशल सिखाएगी, हर क्लब को हर साल ₹10 लाख का अनुदान मिलेगा। साथ ही, राज्य हर ट्रेनर को ₹24,000 मानदेय भी देगा, जिससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।
कर्नाटक में युवाओं के लिए ₹1,010 करोड़ की बड़ी योजना
कर्नाटक सरकार ने राज्य भर में युवाओं के विकास के लिए एक बड़ी पहल को हरी झंडी दे दी है। सरकार ने ₹1,010 करोड़ की लागत से 'भारत जोड़ो युवा संघ' (Bharat Jodo Yuva Sangha) नाम से क्लबों का एक नेटवर्क स्थापित करने की मंजूरी दी है। यह महत्वाकांक्षी योजना राज्य की हर ग्राम पंचायत और शहरी इलाकों में युवाओं को खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों, विज्ञान और नेतृत्व प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य रखती है।
बजट का बड़ा हिस्सा क्लबों के लिए
कुल स्वीकृत बजट में से ₹1,000 करोड़ सीधे क्लबों को सालाना अनुदान के रूप में दिए जाएंगे। हर क्लब को अपने संचालन और गतिविधियों के लिए हर साल ₹10 लाख की राशि मिलेगी। शहरी क्षेत्रों के लिए, सरकार ने एक घनत्व-आधारित मॉडल अपनाया है, जिसके तहत हर 4,000 से 10,000 निवासियों पर एक क्लब स्थापित किया जाएगा। बाकी ₹10 करोड़ प्रशासनिक खर्चों और योजना के सुचारू कार्यान्वयन और निगरानी के लिए एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (Project Management Unit) की स्थापना पर खर्च किए जाएंगे।
कर्मचारियों को मानदेय और समन्वय
इस योजना को लागू करने की मुख्य जिम्मेदारी युवा सशक्तिकरण और खेल विभाग (Department of Youth Empowerment and Sports) की होगी। हालांकि, योजना के व्यापक दायरे को देखते हुए, ग्रामीण विकास और पंचायत राज, शहरी विकास और शिक्षा जैसे अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर काम करना होगा। इस योजना का एक खास पहलू यह भी है कि हर युवा क्लब को एक नियुक्त ट्रेनर को सालाना ₹24,000 का मानदेय (Honorarium) देना होगा।
निवेशकों के लिए क्या है खास?
यह पहल उन निवेशकों और बाजार पर्यवेक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है जो सामुदायिक स्तर पर बुनियादी ढांचे के विकास पर नजर रखते हैं। इस योजना का सामाजिक स्वरूप होने के बावजूद, इसमें शामिल भारी-भरकम फंडिंग यह संकेत देती है कि ग्रामीण और शहरी सेवाओं में एक बड़ा निवेश होने वाला है, जिसमें संभवतः स्थानीय स्तर पर खेल और सांस्कृतिक उपकरणों की खरीद शामिल हो सकती है। हजारों ग्राम पंचायतों में इन फंडों का प्रबंधन करने के लिए कड़े निगरानी की आवश्यकता होगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्रति क्लब आवंटित ₹10 लाख का उपयोग उसके घोषित उद्देश्यों के लिए प्रभावी ढंग से हो रहा है।
आगे क्या?
सरकारी आदेश के अनुसार, सभी गतिविधियों को जारी किए गए दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। योजना की संरचना या वित्तपोषण में भविष्य में कोई भी बदलाव युवा सशक्तिकरण और खेल मंत्री (Minister for Youth Empowerment and Sports) की सीधी मंजूरी के बाद ही किया जा सकेगा। राज्य के नेतृत्व वाले विकास परियोजनाओं पर नज़र रखने वाले निवेशक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट की प्रगति और राज्य भर में पहले बैच के क्लबों के वास्तविक रोलआउट की समय-सीमा पर नज़र रख सकते हैं।
