Karnataka Government: पार्क की जमीन पर बने विवादित बिल को सरकार ने लिया वापस

OTHER
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Karnataka Government: पार्क की जमीन पर बने विवादित बिल को सरकार ने लिया वापस

कर्नाटक सरकार ने आधिकारिक तौर पर उस विवादित बिल को वापस ले लिया है, जिसमें सरकारी पार्कों की **5%** तक जमीन को इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए इस्तेमाल करने का प्रस्ताव था। बेंगलुरु के लालबाग जैसे ऐतिहासिक स्थलों पर असर को लेकर मचे भारी विरोध के बाद यह फैसला लिया गया है।

कर्नाटक कैबिनेट ने 'कर्नाटक गवर्नमेंट पार्क्स (प्रिजर्वेशन) (अमेंडमेंट) बिल, 2026' को वापस लेने का बड़ा फैसला लिया है। बिना व्यापक चर्चा के पास किए गए इस बिल में राज्य के सार्वजनिक पार्कों और बगीचों की 5% जमीन को इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी प्रोजेक्ट्स के लिए डायवर्ट करने की अनुमति मांगी गई थी। नागरिक समाज और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के भारी विरोध के बाद अब सरकार ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

हेरिटेज स्थलों पर संकट

इस बिल का सबसे ज्यादा विरोध लालबाग और कब्बन पार्क जैसे ऐतिहासिक स्थलों को लेकर हुआ। आलोचकों का मानना है कि 17 किलोमीटर लंबे ट्विन टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए अगर इन पार्कों की जमीन का उपयोग किया गया, तो शहर का 'ग्रीन कवर' और प्राचीन भूगर्भीय संरचनाएं हमेशा के लिए नष्ट हो सकती हैं।

सरकार की आगे की रणनीति

डिप्टी सीएम जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया है कि सरकार अपने इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्यों को नहीं छोड़ेगी, लेकिन अब इस प्रस्ताव को जनता के सामने रखा जाएगा। सरकार का लक्ष्य लोगों से फीडबैक लेना है ताकि आगामी असेंबली सेशन में एक संशोधित बिल पेश किया जा सके। भविष्य में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार 'पब्लिक यूटिलिटी' को कैसे परिभाषित करती है और क्या नए ड्राफ्ट में पर्यावरण सुरक्षा के लिए कड़े नियम शामिल किए जाएंगे या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.