Karnataka के मुख्य निर्वाचन अधिकारी V Anbuk Kumar ने वोटर लिस्ट से सामूहिक रूप से नाम हटाने के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। फिलहाल 'Form 7' के दुरुपयोग की जांच की जा रही है और गलत जानकारी देने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। राज्य में **91,000** से अधिक विवादित प्रविष्टियों की जांच के बाद, अंतिम वोटर लिस्ट **27 अक्टूबर 2026** को जारी की जाएगी।
Karnataka के मुख्य निर्वाचन अधिकारी V Anbuk Kumar ने राज्य में चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (Special Intensive Revision) के दौरान वोटर लिस्ट से नाम हटाने की खबरों पर अपनी सफाई दी है। यह विवाद मुख्य रूप से 'Form 7' के इस्तेमाल को लेकर शुरू हुआ, जिसका उपयोग वोटर लिस्ट से किसी का नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है।
नियमों का पालन अनिवार्य
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल किसी के आपत्ति जताने मात्र से ही नाम लिस्ट से नहीं हटाया जा सकता। चुनाव आयोग के कड़े नियमों के तहत, हर आपत्ति के लिए एक औपचारिक सुनवाई और वेरिफिकेशन प्रक्रिया अनिवार्य है। इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स को आपत्तिकर्ता और वोटर दोनों को नोटिस भेजना होता है, ताकि निष्पक्ष सुनवाई के बाद ही कोई प्रशासनिक निर्णय लिया जा सके।
FIR और कानूनी कार्रवाई
जून 2026 से शुरू हुए इस रिवीज़न चक्र के दौरान अब तक 91,000 से अधिक Form 7 आवेदन प्रोसेस किए गए हैं। फर्जी घोषणाओं की शिकायतों के बाद, प्रशासन सख्त हो गया है। Belagavi, Bidar और Mysuru जैसे जिलों में पुलिस ने धोखाधड़ी से फॉर्म भरने के मामले में FIR दर्ज की है। प्रशासन ने 'Representation of the People Act' की धारा 31 के तहत गलत जानकारी देने वालों पर कानूनी शिकंजा कसा है।
अब तक आपत्तियों से जुड़ी करीब 85% सुनवाइयां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी, जिसके बाद भी वेरिफिकेशन प्रक्रिया जारी रहेगी ताकि किसी भी पात्र नागरिक का नाम न छूटे।
