कारगिल विजय दिवस: द्रास में राजनाथ सिंह ने शहीदों को किया नमन, ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ का भव्य आयोजन

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
कारगिल विजय दिवस: द्रास में राजनाथ सिंह ने शहीदों को किया नमन, ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ का भव्य आयोजन

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जुलाई, 2026 को लद्दाख के द्रास में ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह का नेतृत्व किया। इस दौरान 1999 के कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को पुष्पांजलि अर्पित की गई, साथ ही पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को भी सम्मानित किया गया।

Detailed Coverage

द्रास में शहीदों को श्रद्धांजलि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन विजय की 27वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रीय श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए लद्दाख के द्रास स्थित कारगिल युद्ध स्मारक का दौरा किया। 26 जुलाई, 2026 को संपन्न हुए दो दिवसीय स्मरणोत्सव में 1999 के युद्ध में भारतीय सैनिकों की जीत का सम्मान किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, रक्षा मंत्री ने राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा के प्रतीक के रूप में शहीद सैनिकों के परिवारों को पारंपरिक 'कलश' भेंट किए।

1999 के युद्ध को याद करते हुए

यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा 1999 के ऑपरेशंस के दौरान महत्वपूर्ण पहाड़ी चोटियों को पुनः प्राप्त करने के लिए किए गए रणनीतिक प्रयासों की वार्षिक स्मृति के रूप में कार्य करता है। स्मरणोत्सव में स्मारक के ओबिलिस्क पर एक औपचारिक पुष्पांजलि अर्पित की गई, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों और दिग्गजों ने श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में ऑपरेशन के ऐतिहासिक विवरणों पर भी प्रकाश डाला गया, जिसमें युद्धक्षेत्र की चुनौतियों और मिशन की अंतिम सफलता को दर्शाने वाली प्रस्तुतियाँ शामिल थीं।

सैन्य प्रदर्शन और सांस्कृतिक श्रद्धांजलि

स्मारक सेवाओं के साथ-साथ, भारतीय सेना ने द्रास के विश्‍वनाथन स्टेडियम में सांस्कृतिक और ऑपरेशनल प्रदर्शन आयोजित किए। इनमें आधुनिक लड़ाकू ड्रोन क्षमताओं, दुर्गम इलाकों में रोबोटिक खच्चरों के उपयोग और श्वेत अश्व राइडर्स द्वारा मोटरसाइकिल प्रदर्शन शामिल थे। इन कार्यक्रमों में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और उत्तरी कमान के अधिकारियों सहित वरिष्ठ सैन्य नेतृत्व, साथ ही लद्दाख के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना जैसे नागरिक गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।

आयोजन का महत्व

शहीदों के परिवारों, जिन्हें वीर नारी और वीर माता के नाम से जाना जाता है, के लिए यह वर्षगांठ राष्ट्रीय चिंतन का समय है। द्रास में आयोजित कार्यक्रम नागरिक आबादी, सेना और भारत के रक्षा इतिहास के बीच चल रहे संबंध पर जोर देते हैं। 2026 के ऑपरेशन विजय की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सेवा दे रहे सैनिकों, दिग्गजों और निकटतम संबंधियों द्वारा अंतिम श्रद्धांजलि के साथ कार्यवाही संपन्न हुई।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.