Kanwal Rekhi: कैसे उनके नेटवर्क ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में फूंकी नई जान

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AuthorAditya Rao|Published at:
Kanwal Rekhi: कैसे उनके नेटवर्क ने भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में फूंकी नई जान

साल 1987 में Nasdaq पर Excelan को लिस्ट कराने वाले Kanwal Rekhi आज भारत के सबसे बड़े मेंटॉर नेटवर्क के सूत्रधार हैं। TiE और Inventus Capital के जरिए उन्होंने सिलिकॉन वैली और भारतीय बाजार के बीच एक मजबूत सेतु बनाया है, जिसने सैकड़ों फाउंडर्स को सफलता दिलाई है।

Nasdaq से वेंचर कैपिटल का सफर

Rekhi की सफलता की कहानी 1982 में शुरू हुई जब उन्होंने Excelan की नींव रखी। 1987 में इसे Nasdaq पर लिस्ट कराकर वे ऐसा करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी फाउंडर बने। Novell के साथ विलय के बाद, उन्होंने अपना पूरा ध्यान शुरुआती दौर के स्टार्टअप्स में निवेश करने पर लगाया, जिससे Inventus Capital Partners का जन्म हुआ।

TiE: मेंटॉरशिप को मिला एक प्लेटफॉर्म

भारतीय बाजार के लिए उनका सबसे बड़ा योगदान 'The Indus Entrepreneurs' (TiE) को को-फाउंड करना रहा। Bengaluru, Mumbai और Delhi जैसे शहरों के उद्यमियों को सिलिकॉन वैली से जोड़ने वाला यह नेटवर्क सिर्फ सलाह नहीं देता, बल्कि यह निवेशकों के लिए एक फिल्टर की तरह काम करता है। यह नेटवर्क बड़े इंस्टीट्यूशनल फंड मिलने से पहले ही बेहतरीन बिजनेस मॉडल्स और टैलेंट की पहचान कर लेता है।

फाउंडर की विजन पर दांव

Inventus Capital ने अब तक 200 से ज्यादा शुरुआती दौर की कंपनियों में निवेश किया है। उनकी रणनीति शॉर्ट-टर्म ट्रेंड्स के बजाय फाउंडर के विजन और क्षमता पर भरोसा करने की है। redBus और Poshmark जैसी कंपनियां इसका बेहतरीन उदाहरण हैं। इसके अलावा, IIT Bombay में Kanwal Rekhi School of Information Technology की स्थापना कर उन्होंने भारतीय तकनीक के भविष्य के लिए एक ठोस नींव तैयार की है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.