कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) की 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों (Veterinary Officer) की भर्ती प्रक्रिया विवादों में घिर गई है। उम्मीदवारों का आरोप है कि सरकारी नौकरी दिलाने के लिए बिचौलियों ने ₹80 लाख तक की मोटी रकम मांगी है।
Detailed Coverage
KPSC भर्ती में बड़ा स्कैम?
कर्नाटक पब्लिक सर्विस कमीशन (KPSC) द्वारा 400 पशु चिकित्सा अधिकारियों के पदों के लिए की जा रही भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगे हैं। सरकारी नौकरी के इच्छुक उम्मीदवारों का कहना है कि 342 नियमित और 58 बैकलॉग वैकेंसी वाले इन पदों को पक्का कराने के लिए बिचौलियों ने प्रति उम्मीदवार ₹80 लाख तक की रिश्वत मांगी है।
उम्मीदवारों ने पेश किए सबूत
आरोप की पुष्टि के लिए, उम्मीदवारों के एक समूह ने ऑडियो रिकॉर्डिंग, तस्वीरें और वीडियो फुटेज जैसे सबूत सार्वजनिक किए हैं। इन सबूतों से कथित तौर पर उन लोगों के बीच बातचीत का खुलासा होता है जो KPSC चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने का दावा करते हैं। यह सब तब सामने आया है जब प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने इसे भर्ती प्रक्रिया में धांधली को उजागर करने के लिए एक स्टिंग ऑपरेशन बताया है।
विरोध प्रदर्शन और जांच की मांग
इन आरोपों के बाद, पशु चिकित्सकों के एक समूह ने विधान सौधा पुलिस स्टेशन के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता की जांच की है। कथित तौर पर ₹80 लाख की रिश्वत की राशि ने सरकारी परीक्षाओं की ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं पैसों के दम पर काबिलियत को पीछे तो नहीं छोड़ा जा रहा है।
आगे क्या?
सरकारी कमीशन में भर्ती घोटालों से अक्सर प्रशासनिक देरी और कानूनी अड़चनें आती हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या राज्य सरकार इस मामले में औपचारिक जांच शुरू करती है या KPSC उम्मीदवारों द्वारा पेश किए गए सबूतों पर कोई स्पष्टीकरण जारी करती है। फिलहाल, ये आरोप स्वतंत्र अधिकारियों द्वारा सत्यापित नहीं किए गए हैं, और न ही कमीशन या राज्य पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि हुई है।
