KPMG Australia ने एक बड़े डेटा स्कैंडल और कंसल्टिंग रेवेन्यू में **17%** की गिरावट के बाद **400** नौकरियां कम करने का फैसला किया है। इसमें **27** पार्टनर्स भी शामिल हैं। फर्म का कुल रेवेन्यू **1%** घटकर **A$2.257 बिलियन** हो गया है।
डेटा स्कैंडल का बड़ा असर
KPMG Australia एक बड़े कॉन्फिडेंशियलिटी स्कैंडल और मुश्किल आर्थिक माहौल से जूझ रही है। इसी के चलते फर्म ने लगभग 400 नौकरियों में कटौती का ऐलान किया है। इस छंटनी में 27 पार्टनर्स और करीब 360 एम्प्लॉई शामिल हैं, जिनका असर मुख्य रूप से कंसल्टिंग और बिजनेस सर्विसेज डिवीज़न पर पड़ेगा।
लीडरशिप में बदलाव और रेवेन्यू का हाल
यह कदम फर्म के लिए एक मुश्किल दौर के बाद उठाया गया है। इसी साल की शुरुआत में, फर्म पर कॉन्फिडेंशियल क्लाइंट डेटा के गलत इस्तेमाल का आरोप लगा था, जिससे ऑडिट कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए जा सकें। इस संकट के कारण लीडरशिप में बड़ा फेरबदल हुआ, जिसमें पूर्व CEO, ऑडिट हेड और चेयरमैन जैसे कई सीनियर एग्जीक्यूटिव्स ने फर्म छोड़ी। पिछले महीने CEO बने जॉन सैम्स ने कहा कि यह छंटनी भरोसा फिर से बनाने और फर्म की रणनीति को नई दिशा देने के लिए जरूरी है।
फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर दबाव
जून 2026 में खत्म हुए फाइनेंशियल ईयर के आंकड़े बताते हैं कि फर्म का कुल रेवेन्यू 1% घटकर A$2.257 बिलियन रह गया। जहां टैक्स और लीगल, ऑडिट और एश्योरेंस, और डील एडवाइजरी जैसे डिवीज़न में ग्रोथ दिखी, वहीं कंसल्टिंग आर्म में 17% की भारी गिरावट दर्ज की गई। इसका मुख्य कारण सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स का छूटना और ब्रांड की इमेज को हुआ नुकसान है।
सरकारी कामों पर रोक
गवर्नेंस में सुधार के तहत, फर्म ने 30 सितंबर तक नए सरकारी कामों के लिए बिडिंग (Bidding) पर रोक लगा दी है। पब्लिक सेक्टर, जो कि कंसल्टिंग फर्मों के लिए एक अहम क्लाइंट बेस है, उसमें यह एक बड़ी व्यावसायिक अवसर की हानि है। लीडरशिप ने यह भी चेतावनी दी है कि फर्म को 2028 तक धीमी आर्थिक ग्रोथ की उम्मीद है, जिससे क्लाइंट्स के निवेश और प्रोजेक्ट्स पर असर पड़ सकता है।
भारतीय निवेशकों पर असर?
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि KPMG Australia एक प्राइवेट पार्टनरशिप फर्म है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, भारतीय शेयर बाजार के निवेशकों पर इसका सीधा असर नहीं होगा। हालांकि, यह मामला बिजनेस रिस्क मैनेजमेंट के लिए एक केस स्टडी के तौर पर देखा जा सकता है, जहां प्रतिष्ठा को नुकसान सीधे तौर पर कॉन्ट्रैक्ट्स के नुकसान और बड़े ऑपरेशनल बदलाव की वजह बन सकता है।
