दक्षिण कोरिया का KOSPI इंडेक्स मंगलवार को **10.84%** गिर गया, जो पिछले पांच महीनों में सबसे बड़ी गिरावट है। ग्लोबल चिप स्टॉक्स में आई भारी बिकवाली इस गिरावट की मुख्य वजह बनी। टेक कंपनियों के शेयरों में भारी नुकसान और चीनी मैन्युफैक्चरर्स से बढ़ती प्रतिस्पर्धा की चिंताओं ने बाजार को हिला दिया। इस गिरावट के चलते अस्थाई ट्रेडिंग हॉल्ट (Trading Halt) भी लगाया गया।
Detailed Coverage
चिप सेक्टर में भारी दबाव और दिग्गज कंपनियों का हाल
इंडेक्स में आई इस भारी गिरावट की मुख्य वजह सेमीकंडक्टर सेक्टर में हुई जबरदस्त बिकवाली रही। SK Hynix के शेयरों में 14.7% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो कि इसके अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसिप्ट्स (ADRs) में आई भारी गिरावट के बाद आई। वहीं, KOSPI इंडेक्स में सबसे ज्यादा वेटेज रखने वाली Samsung Electronics के शेयर 14.4% टूट गए, जो 2008 के बाद का सबसे खराब एकदिनी प्रदर्शन था। इन दोनों कंपनियों का मार्केट कैप में बड़ा हिस्सा होने के कारण इनकी गिरावट ने पूरे इंडेक्स को नीचे खींच लिया।
प्रतिस्पर्धा और रेगुलेटरी चिंताएं
निवेशकों की चिंताएं चीनी सेमीकंडक्टर फर्म ChangXin Memory Technologies के आईपीओ (IPO) के बाद से और बढ़ गई हैं। बाजार को डर है कि आईपीओ से जुटाई गई रकम उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में इस्तेमाल होगी, जिससे मौजूदा चिपमेकर्स के लिए दाम और मार्केट शेयर पर दबाव बढ़ेगा। भविष्य में ओवरसप्लाई (Oversupply) और बढ़ती प्रतिस्पर्धा का यह डर सेक्टर के वैल्यूएशन पर भारी पड़ रहा है।
इसके अलावा, यह भी खबर है कि दक्षिण कोरिया का फाइनेंशियल रेगुलेटर (Financial Regulator) सिंगल-स्टॉक लीवरेज्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) की भूमिका की जांच कर रहा है। ये ऐसे प्रोडक्ट हैं जो उधार ली गई पूंजी से प्राइस मूवमेंट पर दांव लगाने की सुविधा देते हैं और इस साल की शुरुआत में लॉन्च होने के बाद से काफी पॉपुलर हुए हैं। रेगुलेटर संभावित रूप से इन इंस्ट्रूमेंट्स तक रिटेल पहुंच को सीमित करने पर विचार कर रहा है ताकि सिस्टमैटिक रिस्क (Systemic Risk) को कम किया जा सके।
बाजार की चाल और विदेशी पूंजी
इस ट्रेडिंग सेशन में पूंजी का भारी खेल देखने को मिला, जहां विदेशी निवेशकों ने लगभग 5 ट्रिलियन वोन (लगभग USD 3.42 बिलियन) के इक्विटीज बेचे। वहीं, रिटेल निवेशकों ने गिरावट का फायदा उठाने की कोशिश की और लगभग 4 ट्रिलियन वोन के शेयर खरीदे। बाजार में लगभग पूरा इंडेक्स ही गिरता नजर आया। अब निवेशक फाइनेंशियल रेगुलेटर से ETF नियमों पर और किसी भी कमेंट का बेसब्री से इंतजार करेंगे और यह देखेंगे कि आने वाले हफ्तों में ग्लोबल चिप डिमांड के ट्रेंड्स के स्पष्ट होने के साथ सेमीकंडक्टर शेयरों की कीमतों में कब स्थिरता आती है।
