दिल्ली-NCR के प्रीमियम होटल्स में FSSAI की कार्रवाई के बाद हड़कंप है। Andaz Delhi के ऑपरेटर Juniper Hotels ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि जून 2026 में हुई जांच की कमियों को दूर कर लिया गया है।
दिल्ली-NCR के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में इन दिनों हड़कंप मचा है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की हालिया छापेमारी में Andaz Delhi और JW Marriott जैसे बड़े होटल्स में एक्सपायर्ड सामान मिलने और साफ-सफाई में लापरवाही जैसे गंभीर मामले सामने आए हैं।
Juniper Hotels का क्या है कहना?
इन्वेस्टर्स के लिए चिंता की बात यह थी कि क्या इन नियमों के उल्लंघन का असर कंपनी के बिजनेस पर पड़ेगा? मामले को बढ़ता देख Juniper Hotels ने तुरंत सफाई दी। कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि जून 2026 की रूटीन चेकिंग में मिली कमियां केवल टेक्निकल नेचर की थीं और उन्हें तुरंत ठीक कर दिया गया है। मैनेजमेंट ने साफ किया कि यह कोई सिस्टमैटिक फेल्योर नहीं था और वे हाई सेफ्टी स्टैंडर्ड्स बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
क्यों बढ़ी है सख्ती?
दिल्ली में होने वाले BRICS समिट जैसे बड़े इंटरनेशनल इवेंट्स को देखते हुए होटल्स पर दबाव बढ़ गया है। किसी भी तरह की लापरवाही से न केवल भारी जुर्माना लग सकता है, बल्कि ब्रांड की इमेज को भी बड़ा नुकसान हो सकता है। इसे देखते हुए Hotel and Restaurant Association of Northern India (HRANI) ने अब एक नया सेफ्टी चेकलिस्ट जारी किया है ताकि भविष्य में किसी भी प्रशासनिक चूक से बचा जा सके।
इन्वेस्टर्स के लिए इनसाइट्स
जानकारों का मानना है कि इस सख्त रेगुलेटरी माहौल का असर होटल्स के ऑपरेटिंग कॉस्ट पर पड़ सकता है। स्टाफ ट्रेनिंग, ऑडिटिंग और इन्वेंट्री मैनेजमेंट पर अब पहले से कहीं ज्यादा खर्च करना होगा। इन्वेस्टर्स को आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि क्या इन बढ़ते खर्चों का असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ रहा है या नहीं।
