अमेरिका के अरबपति वकील जॉन मॉर्गन ने अपने बच्चों के लिए विरासत का एक सख़्त नियम बनाया है। उन्हें अपनी पारिवारिक संपत्ति का वारिस बनने के लिए शादी से पहले प्री-नपिटल एग्रीमेंट (Prenuptial Agreement) पर हस्ताक्षर करना होगा। जो ऐसा नहीं करेंगे, उन्हें सालाना सिर्फ **$1 मिलियन** (लगभग ₹8.3 करोड़) मिलेंगे।
क्यों लिया ये फ़ैसला?
अमेरिका की जानी-मानी लॉ फर्म 'मॉर्गन एंड मॉर्गन' के फाउंडर जॉन मॉर्गन अपनी इस पॉलिसी से पारिवारिक संपत्ति को कानूनी झमेलों और तलाक जैसी स्थिति में बंटने से बचाना चाहते हैं। मॉर्गन की कुल संपत्ति करीब $1.5 बिलियन (लगभग ₹12,500 करोड़) बताई जाती है। उन्होंने कहा कि $1 मिलियन की सालाना राशि बच्चों को आर्थिक सुरक्षा तो देगी, लेकिन वे मुख्य संपत्ति से बाहर हो जाएंगे।
बिज़नेस में भी सख़्ती
जॉन मॉर्गन का यह रवैया उनके बिजनेस मैनेजमेंट में भी झलकता है। उनकी लॉ फर्म 'मॉर्गन एंड मॉर्गन' की वैल्यू $2 बिलियन (लगभग ₹16,600 करोड़) है, जिसमें मॉर्गन परिवार की करीब 50% हिस्सेदारी है। उन्होंने एक वाकया सुनाया कि कैसे उन्होंने अपने बेटे मैथ्यू के पार्टनर के वकील की सलाह को नज़रअंदाज़ कर प्री-नप डॉक्यूमेंट में बदलाव से इनकार कर दिया था। मॉर्गन का मानना है कि इस तरह की सख़्ती ही परिवार की विरासत और बिजनेस को सुरक्षित रख सकती है।
