झारखंड में चुनावी सरगर्मी के बीच INDIA Bloc ने राज्य के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर से शिकायत की है। गठबंधन का आरोप है कि BJP के एजेंट गढ़वा, गोड्डा और चतरा जैसे जिलों में वोटर लिस्ट से नाम कटवा रहे हैं, जिसे चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज कर दिया है।
झारखंड में चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न' (Special Intensive Revision) के दौरान राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), कांग्रेस (INC), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और CPI(ML) के नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के. रवि कुमार से मुलाकात कर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है विपक्षी गठबंधन का आरोप?
विपक्ष का दावा है कि गढ़वा, गोड्डा और चतरा जैसे जिलों में बीजेपी के एजेंट बूथ-लेवल ऑफिसर्स पर दबाव बना रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि 'फॉर्म-7' (Form-7) का गलत इस्तेमाल कर सुनियोजित तरीके से चुनिंदा मतदाताओं के नाम लिस्ट से हटाए जा रहे हैं, जो चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाता है।
चुनाव आयोग का पक्ष
इन आरोपों को लेकर चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर के. रवि कुमार ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के दायरे में है। उन्होंने कहा कि कोई भी नाम बिना कठोर जांच (Rigorous Scrutiny) के नहीं हटाया जा सकता। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि किसी भी वैध वोटर का नाम हटाना संभव नहीं है और नागरिक अपने आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं।
बीजेपी की सफाई
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को सिर्फ राजनीतिक स्टंट बताया है। पार्टी का कहना है कि उनके एजेंट केवल नियमों के तहत अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं ताकि लिस्ट से फर्जी या अपात्र वोटरों के नाम हटाकर उसे सटीक बनाया जा सके। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग द्वारा की जाने वाली आपत्तियों की वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर टिकी हैं।
