झारखंड में JSSC-CGL भर्ती परीक्षा में धांधली की जांच तेज हो गई है। CID ने इस मामले में 4 सफल उम्मीदवारों को हिरासत में लिया है, जिससे भर्ती प्रक्रिया को लेकर संशय और गहरा गया है।
भर्ती प्रक्रिया में बढ़ती मुश्किलें
झारखंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने JSSC-CGL भर्ती परीक्षा में बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 सफल उम्मीदवारों को हिरासत में ले लिया है। इस मामले में पकड़े गए लोगों की पहचान दीपक कुमार, विजय कुमार तिवारी, आनंद कुमार सिंह और उमेश कुमार राय के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी जांच का दायरा बढ़ाते हुए उस नेटवर्क की ओर इशारा करती है जो कथित रूप से पेपर लीक और गड़बड़ियों में शामिल था। इससे पहले पूर्व ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर अभय तिवारी की गिरफ्तारी भी इस मामले में हो चुकी है।
कानूनी दांव-पेंच और भविष्य की राह
यह पूरी भर्ती प्रक्रिया इस समय एक गंभीर कानूनी गतिरोध में फंसी है। साल 2024 के अंत में हुई परीक्षाओं में गड़बड़ी के विरोध के बाद राज्य सरकार ने परिणाम रद्द करने की कोशिश की थी, लेकिन झारखंड हाई कोर्ट ने इस पर रोक (stay) लगा दी। सफल उम्मीदवारों द्वारा दायर याचिकाओं के चलते मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
CID की जांच और कोर्ट में चल रही सुनवाई के कारण हजारों उम्मीदवारों का भविष्य अधर में लटक गया है। अब सभी की निगाहें झारखंड हाई कोर्ट के अगले फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि आगे की भर्ती प्रक्रिया क्या रूप लेगी।
