Jet Airways, जो कभी भारतीय एयरलाइन इंडस्ट्री का बड़ा नाम हुआ करती थी, अब अपने बचे-खुचे असेट्स (Assets) की नीलामी कर रही है। इस नीलामी में तीन बोइंग (Boeing) विमानों के साथ-साथ कई अन्य कीमती सामान शामिल हैं। यह एयरलाइन को फिर से खड़ा करने की तमाम कोशिशों की असफलता के बाद अंतिम चरण है।
बोइंग प्लेन और इंजीनियरिंग का खज़ाना
सात साल पहले अपना परिचालन बंद करने वाली Jet Airways अब अपने बचे हुए फिजिकल असेट्स को बेच रही है। कंपनी के लिक्विडेटर (Liquidator) द्वारा आयोजित इस नीलामी में सबसे खास हैं तीन बोइंग विमान। इन विमानों की कंडीशन और मॉडल के हिसाब से इनकी रिजर्व प्राइस तय की गई है:
- एक बोइंग 737-800 (Boeing 737-800) की रिजर्व प्राइस ₹90.02 करोड़ है।
- दूसरे बोइंग 737-800 (Boeing 737-800) की रिजर्व प्राइस ₹70.64 करोड़ रखी गई है।
- एक तीसरा बोइंग 737-900 (Boeing 737-900), जिसमें इंजन नहीं है, ₹4.93 करोड़ की शुरुआती कीमत पर लिस्ट किया गया है।
सिर्फ विमान ही नहीं, इस नीलामी में खास इंजीनियरिंग इन्वेंटरी (Engineering Inventory) भी शामिल है। इसमें रोटेबल पार्ट्स (Rotables) भी हैं, जो बोइंग और एयरबस (Airbus) के कई मॉडलों के साथ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इसके अलावा, एयरक्राफ्ट टूल्स (Aircraft Tools) और अन्य जरूरी सामान भी बिकने के लिए रखे गए हैं।
परिचालन से जुड़े सामान और गाड़ियां
एयरलाइन के परिचालन में इस्तेमाल होने वाले कई और आइटम भी इस सेल का हिस्सा हैं। इनमें ₹3.19 करोड़ कीमत के केटरिंग इक्विपमेंट (Catering Equipment) और ₹2.26 करोड़ के मील कार्ट्स (Meal Carts) शामिल हैं। इसके अलावा, क्रू यूनिफॉर्म (Crew Uniforms) और ऑफिस स्टेशनरी (Office Stationery) जैसे छोटे-मोटे सामान भी बिकेंगे। कंपनी की गाड़ियों का बेड़ा भी नीलाम हो रहा है, जिसमें एक Audi A6 और कई अन्य सेडान शामिल हैं। इन सभी का संयुक्त रिजर्व प्राइस लगभग ₹40 लाख है।
एक लंबी कहानी का अंत
यह नीलामी उन तमाम कोशिशों की विफलता के बाद हो रही है, जिनका मकसद एयरलाइन को फिर से शुरू करना था। Jet Airways ने अप्रैल 2019 में अपना परिचालन बंद कर दिया था। 2021 में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने एक रेजोल्यूशन प्लान (Resolution Plan) को मंजूरी दी थी, लेकिन कानूनी विवादों और प्लान को लागू न कर पाने के कारण 2024 के अंत में कंपनी का लिक्विडेशन (Liquidation) हो गया। लेनदारों (Creditors) और स्टेकहोल्डर्स (Stakeholders) के लिए, यह नीलामी बची हुई संपत्ति से कुछ वैल्यू वसूलने का आखिरी मौका है। यह कदम किसी भी कॉर्पोरेट टर्नअराउंड (Corporate Turnaround) की संभावना को खत्म करता है, क्योंकि अब कंपनी अपनी फिजिकल होल्डिंग्स के अंतिम निपटान की ओर बढ़ रही है।
