J&K बारिश का कहर: 23 की मौत, CM ने किया ₹6 लाख मुआवज़े का ऐलान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
J&K बारिश का कहर: 23 की मौत, CM ने किया ₹6 लाख मुआवज़े का ऐलान

जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश ने भूस्खलन और बाढ़ को जन्म दिया है, जिसके कारण दो दिनों में 23 लोगों की जान चली गई। राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिवारों के लिए ₹6 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। 23 जुलाई तक गंभीर मौसम की स्थिति जारी रहने की आशंका के बीच, बचाव अभियान जारी हैं और स्थानीय अधिकारी स्थिति पर कड़ी नजर रख रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में बारिश का हाहाकार: 23 लोगों की मौत, ₹6 लाख के मुआवज़े का ऐलान

जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश ने तबाही मचाई हुई है। पिछले दो दिनों में भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ ने कम से कम 23 लोगों की जान ले ली है। इस बीच, राज्य सरकार ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए ₹6 लाख की अनुग्रह राशि की घोषणा की है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है, ऐसे में बचाव कार्य जारी हैं और स्थानीय प्रशासन पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।

भूस्खलन और बाढ़ का कहर

राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। सोमवार को पुंछ जिले में एक भूस्खलन ने कच्चे घर को निगल लिया, जिसमें एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। मरने वालों में दो बच्चे भी शामिल थे। स्थानीय लोगों की मदद से अरिगाम गांव में मलबे से शवों को निकाला गया।

पुंछ की यह घटना बड़े पैमाने पर हुई बारिश से जुड़ी मौतों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके कारण 48 घंटों में मरने वालों की कुल संख्या 23 तक पहुंच गई है। डोडा जिले में, एक यात्री बस पर पत्थर गिरे, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कसटगढ़ क्षेत्र में एक महिला की पत्थर की चपेट में आने से मौत हो गई। इसके अलावा, राजौरी जिले में अचानक आई बाढ़ में बह गए एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। इन घटनाओं ने जम्मू-किश्तवाड़ नेशनल हाईवे सहित महत्वपूर्ण परिवहन मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है, जहां पत्थर गिरने और भूस्खलन के कारण रास्ता अवरुद्ध हो गया है।

सरकारी प्रतिक्रिया और वित्तीय सहायता

इस संकट के जवाब में, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए ₹6 लाख के मुआवज़े का ऐलान किया है। इस सहायता में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (State Disaster Response Fund) से ₹4 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष (Chief Minister's Relief Fund) के माध्यम से ₹2 लाख शामिल हैं। जिला प्रशासनों को 24 जुलाई तक हर छह घंटे में स्थिति की अपडेट रिपोर्ट जमा करने के आदेश के साथ, सतर्कता का उच्च स्तर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि चल रहे मौसम के जोखिमों का समन्वित रूप से सामना किया जा सके।

बचाव कार्यों में चुनौतियां

पुलिस, सेना, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और नागरिक सुरक्षा टीमों द्वारा किए जा रहे बचाव और राहत प्रयासों को जारी खराब मौसम के कारण महत्वपूर्ण बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश, खराब दृश्यता और खतरनाक भूभाग, विशेष रूप से पुंछ और राजौरी में, वर्तमान में लापता सात लोगों की तलाश को धीमा कर दिया है। मौसम विभाग द्वारा 23 जुलाई तक क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश जारी रहने का अनुमान है, ऐसे में निवासियों और स्थानीय अधिकारियों के लिए सबसे बड़ी चिंता संभावित रूप से और अधिक भूस्खलन और बाढ़ की आशंका है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.