जम्मू और कश्मीर में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक **29** लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि **पुंछ** जिले में सबसे ज़्यादा असर देखा गया है। **18** जुलाई की आपदा के बाद से लापता **छह** लोगों की तलाश में बचाव टीमें जुटी हुई हैं।
Detailed Coverage
जम्मू और कश्मीर में बाढ़ का विकराल रूप
जम्मू और कश्मीर में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 29 लोगों की जान जा चुकी है। 18 जुलाई को हुई मूसलाधार बारिश से शुरू हुई इस आपदा ने कई जिलों को बुरी तरह प्रभावित किया है। बचाव और राहत कार्य अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुके हैं।
पुंछ और आसपास के इलाकों में भारी तबाही
अधिकारियों के मुताबिक, पुंछ जिले में सबसे ज़्यादा 17 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मुराह गांव विशेष रूप से प्रभावित हुआ है, जहाँ कई लोगों की जान चली गई। मलबा हटाकर लापता लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दल लगातार मुश्किल इलाकों में काम कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, मृतकों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि इस आपदा ने स्थानीय परिवारों को झकझोर कर रख दिया है।
हालांकि पुंछ सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्र है, लेकिन इस तबाही का असर घाटी के अन्य हिस्सों में भी फैल गया है। बांदीपोरा जिले में दो और बडगाम जिले में एक मौत की खबर है। 29 की कुल मौतों का आंकड़ा पिछले हफ्ते क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की भयावहता को दर्शाता है।
बचाव अभियान और आगे की निगरानी
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रतिक्रिया टीमों के नेतृत्व में, लापता छह लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान अभी भी जारी हैं। फिलहाल मलबा हटाने और अलग-थलग पड़े इलाकों तक पहुंचने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सभी प्रभावित निवासियों का पता लगा लिया गया है।
जम्मू और कश्मीर जैसे पहाड़ी इलाकों में ऐसी चरम मौसम की घटनाओं की पुनरावृत्ति, बुनियादी ढांचे की स्थिरता और आपदा तैयारी से संबंधित चल रही चुनौतियों को रेखांकित करती है। उम्मीद है कि मौसम की स्थिति स्थिर होने पर अधिकारी क्षति का आकलन और पुनर्प्राप्ति प्रयासों को जारी रखेंगे। अगली अपडेट बचाव दलों की प्रगति और लापता व्यक्तियों की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पर निर्भर करेगी।
