प्रशांत किशोर की Jan Suraaj ने बिहार विधान परिषद चुनाव में अपना खाता खोल लिया है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सुरेश प्रसाद राय की जीत पार्टी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है, हालांकि पटना स्नातक सीट पर पार्टी को JD(U) के सामने हार का सामना करना पड़ा।
दरभंगा में ऐतिहासिक जीत
अक्टूबर 2024 में एक राजनीतिक दल के रूप में औपचारिक गठन के बाद, प्रशांत किशोर की Jan Suraaj ने अपना पहला बड़ा चुनावी लक्ष्य हासिल कर लिया है। दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से पार्टी के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने कांग्रेस के दिग्गज नेता मदन मोहन झा को 324 वोटों के अंतर से करारी शिकस्त दी है। विधान परिषद की यह सीट राज्य के उच्च सदन में पार्टी की मौजूदगी दर्ज कराने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पटना में लगा झटका और सियासी घमासान
दरभंगा की सफलता के विपरीत, पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी को निराशा हाथ लगी। यहाँ Jan Suraaj के अनुज कुमार सिंह, JD(U) के मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को हराने में नाकाम रहे। इस मुकाबले को मोकामा के कद्दावर विधायक अनंत सिंह का समर्थन प्राप्त था, जिन्होंने JD(U) नेतृत्व को चुनौती देने के लिए पार्टी लाइन से हटकर प्रचार किया था।
बागी विधायक पर कड़ा एक्शन
इस चुनाव का असर सीधा अनंत सिंह के करियर पर पड़ा है। अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार के खिलाफ प्रचार करने के कारण JD(U) ने उन्हें 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है। पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है और उनके खिलाफ दल-बदल विरोधी कानून (Anti-defection law) के तहत विधानसभा सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। जीत के बाद नीरज कुमार ने कहा कि यह परिणाम व्यक्तिगत प्रभाव के बजाय पार्टी की संगठनात्मक एकता की जीत है। यह चुनाव बिहार की राजनीति में नई पार्टियों के लिए पुरानी और मजबूत राजनीतिक मशीनरी के सामने खड़ी चुनौतियों को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
