जम्मू में बाढ़ का कहर: अमरनाथ यात्रा रोकी गई, करोड़ों के नुकसान की आशंका

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AuthorNeha Patil|Published at:
जम्मू में बाढ़ का कहर: अमरनाथ यात्रा रोकी गई, करोड़ों के नुकसान की आशंका

जम्मू में भारी मॉनसून बारिश और अचानक आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक **11** लोगों की जान जा चुकी है और **150** से ज़्यादा वाहन बह गए हैं। प्रशासन ने अमरनाथ यात्रा को फिलहाल अनिश्चित काल के लिए रोक दिया है।

जम्मू में बाढ़ का तांडव

जम्मू डिवीजन में मौसम की गंभीर मार पड़ी है, जिससे यहां की आर्थिक गतिविधियों और यातायात व्यवस्था बुरी तरह ठप हो गई है। रविवार को हुई मूसलाधार बारिश ने बड़े पैमाने पर अचानक बाढ़ और भूस्खलन को जन्म दिया, जिसका सबसे ज़्यादा असर राजौरी और पुंछ जिलों में देखा गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कम से कम 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, और बाढ़ में घर बह जाने या ढह जाने के बाद लापता लोगों को खोजने के लिए कई बचाव अभियान चलाए जा रहे हैं।

इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर

इस तबाही से आर्थिक नुकसान का अंदाज़ा करोड़ों रुपये में लगाया जा रहा है। राजौरी के एक स्थानीय बस स्टैंड पर बाढ़ ने 150 से ज़्यादा वाहनों को बहा दिया, जो तबाही की भयावहता को दर्शाता है। इसके अलावा, क्षेत्र के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी भारी नुकसान हुआ है, जिससे प्रभावित इलाकों में व्यापारिक गतिविधियां थोड़े समय के लिए रुक सकती हैं। स्थानीय प्रशासन ने विस्थापित लोगों की मदद के लिए गवर्नमेंट बॉयज हायर सेकेंडरी स्कूल जैसे स्थानों पर पुनर्वास केंद्र स्थापित किए हैं।

अमरनाथ यात्रा पर रोक

खराब मौसम को देखते हुए, प्रशासन ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा को भी निलंबित कर दिया है। कश्मीर के डिविजनल कमिश्नर, अंशुल गर्ग, ने घोषणा की है कि बालताल, नुनवान और चंदनवाड़ी बेस कैंपों पर सभी गतिविधियां रोक दी गई हैं। मौसम सामान्य होने तक तीर्थयात्रियों के किसी भी नए जत्थे को इन स्थानों से रवाना होने की अनुमति नहीं होगी। इस हाई-ट्रैफिक तीर्थयात्रा का रुकना, जो आमतौर पर जम्मू और कश्मीर के स्थानीय पर्यटन और परिवहन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण मौसमी राजस्व लाता है, स्थानीय व्यापार की मांग को अस्थायी रूप से प्रभावित कर सकता है।

क्षेत्रीय स्थिरता पर नज़र

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला दिल्ली से जम्मू लौट आए हैं ताकि वे राज्य के राहत और बचाव कार्यों की व्यक्तिगत रूप से निगरानी कर सकें। हालांकि बचाव कार्य तात्कालिक प्राथमिकता हैं, लेकिन कारोबारी समुदाय और निवेशक बुनियादी ढांचे की बहाली की समय-सीमा पर नज़र रखेंगे। प्रमुख निगरानी बिंदुओं में परिवहन मार्गों का फिर से खुलना, अमरनाथ यात्रा के निलंबन की अवधि और प्रभावित व्यवसायों व बुनियादी ढांचे के लिए सरकारी वित्तीय सहायता का स्तर शामिल है। आगे की जानकारी मौसम विभाग के आकलन और बाढ़ प्रभावित सीमावर्ती जिलों में रिकवरी की गति पर निर्भर करेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.